डॉ राजकुमार ने कहा कि नवजोत सिद्धू की कांग्रेस के प्रति कोई भी नाराजगी नहीं है। सिद्धू कांग्रेस के एक वफादार सिपाही की तरह पार्टी को मजबूत करने के लिए काम कर रहे हैं।
एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की लीडरशिप को कोई चुनौती नहीं दी जा सकती। जब उनसे यह पूछा गया कि सिद्धू ने मंत्री पद पर रहते हुए कैप्टन अमरिंदर सिंह को चुनौती दी थी, इस पर वेरका ने कहा कि सिद्धू ने स्वेच्छा से मंत्री पद त्यागा है।
डॉ वेरका ने दावा किया कि वह किसी के कहने पर सिद्धू को मिलने नहीं आए हैं बल्कि अपनी इच्छा से सिद्धू को मिलने आए हैं। जब उनसे पूछा गया कि गुरुनगरी के शेष कांग्रेसी विधायक और मंत्री सिद्धू से मिलने क्यों नहीं पहुंचे तो उन्होंने कहा कि इस बारे में वही बेहतर जानकारी दे सकते हैं।
पंजाब डेमोक्रेटिक पार्टी के सिमरनजीत बैंस और सुखपाल सिंह खैरा सिद्धू को अपनी पार्टी में शामिल होने और आगामी विधानसभा चुनाव में सीएम पद का ऑफर दे रहे हैं, इस सवाल पर डॉ वेरका ने कहा कि जो नेता सिद्धू को ऑफर दे रहे हैं उनके पल्ले कुछ नहीं है।