कैथल। जिले में बुधवार सुबह हल्की बरसात और तेज हवा ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया। बरसात के कारण अनाज मंडी में पानी भर गया। बुधवार सुबह करीब पांच बजे तेज हवा के साथ बरसात शुरू हो गई। बरसात ज्यादा नहीं थीं, लेकिन तेज हवा के कारण पक कर तैयार धान की फसल बिछ गई।
इसी प्रकार से नई एवं पुरानी अनाज मंडी में भी पानी भर गया। जिससे धान की ढेरियां पानी में डूब गईं। यहां पानी भरने का मुख्य कारण सीवरेज का बंद होना रहा। आढ़तियों, किसानों एवं मजदूरों ने सीवरेज बंद होने के कारण रोष प्रकट किया। किसान रामकुमार, लीलु, गजेसिंह ने बताया कि यदि बोली के माध्यम फसलाें को बेचा जाता तो फसल यूं बरसात में ना बहती।
तेज आंधी व बरसात से धान की फसल को भारी नुकसान
राजौंद। राजौंद में भी बरसात और हवा से बासमती और अन्य किस्में जमीन पर बिछ गई। इस कारण किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ा। पाई क्षेत्र में भी तेज हवा, बरसात तथा ओला वृष्टि से फसल जमीन पर गिर गई। किसानों ने सरकार से मुआवजे की मांग की गई है। किसान महेंद्र, नरेश, योगी राम, विनोद प्यौदा ने बताया कि सुबह जिस समय तेज हवा के साथ बरसात हुई, जिस कारण किसानों की पकी हुई फसल जमीन पर गिर गई।
ढांड में पड़े ओले, बासमती और 1121 किस्म को नुकसान
ढांड। ढांड में बुधवार सुबह चार बजे के करीब जमकर पड़े ओले। साथ ही बरसात, आंधी व तूफान से फसलें बिछ गई और दाना पूरी तरह से झड़ गया। भाकियू प्रदेशाध्यक्ष गुणी प्रकाश के नेतृत्व में सरकार व प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर रोष जताया। किसानों ने चेतावनी दी है कि अगर शीघ्र ही खराब हुई फसलों का प्रति एकड़ 45 हजार रुपये मुआवजा नहीं दिया गया तो नौ अक्तूबर को कस्बे के पंचमुखी चौक पर भाकियू के बैनर तले प्रदर्शन कर रोष जताते हुए रास्ता जाम करेंगे।
बिजली गिरने से दर्जन भेड़ों की मौत
कलायत। उपमंडल के गांव बात्ता में पशु बाड़े पर बिजली गिरने से एक दर्जन से अधिक भेड़ व बकरियों की मौत हो गई तथा दर्जनभर गंभीर रूप से जख्मी हो गई। बात्ता निवासी जीता राम ने बताया कि बिजली गिरने से बाड़े में छत गिर गई तथा एक दर्जन भेड़-बकरियां मारी गईं। सुरजीत ने बताया कि हादसे में करीब तीन दर्जन से अधिक भेड़ व बकरियां जख्मी हैं।