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चंडीगढ़ में बदला माैसम: सुबह से हो रही तेज बरसात, पीजीआई से नहीं निकला पानी, तापमान गिरा

Thu, 26 Sep 2024 10:06 AM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

चंडीगढ़ में बुधवार शाम हुई तेज बारिश पीजीआई के नेहरू अस्पताल के लिए आफत बन गई। अस्पताल के भूमि तल पर पानी भर गया। पीजीआई प्रशासन के अनुसार, स्टॉर्म वॉटर ड्रेनेज सिस्टम में गड़बड़ी के कारण अचानक पानी बैक फ्लो मारने लगा।
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चंडीगढ़ में बरसात - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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चंडीगढ़ में गुरुवार की सुबह से तेज बरसात हो रही है। इससे स्कूल और दफ्तर जाने वालों को काफी परेशानी हुई। बारिश के कारण अंबाला से चंडीगढ़ तक हाईवे पर जगह-जगह जाम लगा हुआ है। डेराबस्सी में कई किलोमीटर तक वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लगी हुई हैं। 

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चंडीगढ में पिछले करीब तीन घंटे से जोरदार बारिश हो रही है। सुबह के नाै बजे ही अंधेरा छा गया था। 9:30 बजे तक शहर के कई हिस्सों में अंधेरा छाया हुआ है। लोगों को सड़कों पर लाइट जलाकर गाड़ियां चलानी पड़ रही है। चंडीगढ़ मौसम केंद्र के अनुसार यह बारिश अगले कुछ घंटों तक जारी रहेगी। वहीं पीजीआई में बुधवार को पानी भर गया था। गुरुवार की बरसात के कारण आज भी हालात नहीं सुधरे हैं।
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चंडीगढ़ में सुबह से 40.1 एमएम बारिश हो चुकी है। अब भी बारिश जारी है और घने बादल एक बार फिर छा रहे हैं। माना जा रहा है कि अभी तक मानसून सीजन में बारिश का जो डिफिसिट था, अब बारिश के इस स्पेल से पूरा हो सकता है।




इससे पहले बुधवार को चंडीगढ़ में डेढ़ घंटे में 31.4 एमएम पानी बरसने से कई इलाकों में लोगों के घरों में पानी भर गया। सड़कें और चौक-चौराहे जलमग्न हो गए। इंडस्ट्रियल एरिया और सेक्टर-15/11 के अंडरपास में पानी भर गया। पहली बार पीजीआई का स्टॉर्म वॉटर ड्रेनेज सिस्टम भी जवाब दे गए और नेहरू अस्पताल में पानी भर गया। यहां पंप लगाकर पानी निकालना पड़ा। गुरुवार की बरसात से हालात और बिगड़ गए हैं। 
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नेहरू अस्पताल के भूमितल के लगभग सभी विभागों में पानी भर जाने के कारण काफी नुकसान भी हुआ। अनहोनी की आशंका पर पीजीआई प्रशासन ने इलेक्ट्रिकल व इंजीनियरिंग विभाग के आला अधिकारियों समेत कर्मचारियों को पूरी रात ड्यूटी पर तैनात रहकर स्थिति को संभालने का निर्देश दिया है।



साथ ही भूमितल के विभागों में लगाए गए उपकरण व बैटरी को अन्य जगह शिफ्ट किया गया ताकि कोई अनहोनी न हो। रेडियोथेरेपी और रेडियोडायग्नोसिस विभागों में कुछ उच्च तकनीक वाले उपकरणों को एहतियात के तौर पर बंद कर दिया गया है।

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