स्थानीय लॉटरी बाजार में सरकारी लॉटरी की आड़ में अवैध रूप से चल रहे सट्टा संबंधी समाचार अमर उजाला में प्रकाशित होने के बाद पुलिस ने हरकत में आते हुए मंगलवार को लॉटरी बाजार में छापेमारी की। इसका नेतृत्व सीआईए स्टाफ के इंचार्ज इंस्पेक्टर गुरविंदर सिंह कर रहे थे।
पुलिस ने बाजार को पूरी तरह से घेर कर कई घंटे बारीकी से छानबीन की। इस दौरान पुलिस को कोई भी अनुचित सामग्री नहीं मिली। वहीं दूसरी ओर पुलिस की कार्रवाई को एंटी करपशन सेल के पदाधिकारियों ने महज खानापूर्ति की कार्रवाई करार दिया।
सेल व भाजपा मंडल के प्रधान नरिंदर गोयल, चेयरमैन नौनिहाल सोढी, भूपिंदर सिंह वालिया, जतिंद्र सिंह नंबरदार आदि ने आरोप लगाया कि लंबे समय से स्थानीय निवासी पुलिस को सरकारी लॉटरी की आड़ में सट्टा चलने की सूचना दे रहे हैं, लेकिन पुलिस ने कभी कोई कार्रवाई नहीं की।
पुलिस की ओर से कोई कार्रवाई न करने पर जब स्थानीय लोगों के पिछले दिनों उप मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल से मिलने और मामला मीडिया में तूल पकड़ने के बाद पुलिस ने खानापूर्ति के लिए छापेमारी की।
सेल के पदाधिकारियों ने बताया कि 16 जून को खबर प्रकाशित होने के बाद से ही बाजार में सट्टे का कारोबार बंद है। इसके चलते पुलिस ने मंगलवार को छापेमारी की और वहां कुछ नहीं मिला। उन्होंने कहा कि शिकायतकर्ता ने पुलिस को बाजार में चल रहे सट्टे की सीडी भी दी थी।
पुलिस चाहती तो उसे आधार बनाकर भी दुकानदारों के खिलाफ कार्रवाई कर सकती हैं, लेकिन पुलिस ने पहले ही छापेमारी की जानकारी देकर दिखावे के लिए यह कार्रवाई की। सेल के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी है कि अगर पुलिस ने मामले को गंभीरता से न लेते हुए सट्टे का कारोबार बंद नहीं करवाया तो वह बाजार के बाहर धरना देंगे।
बाजार पर रखी जाएगी नजर: एसपी
एसपी (डी) जीएस ग्रेवाल ने कहा कि लंबे समय से बाजार में सट्टा चलने की शिकायतें मिल रही थीं। इसके चलते मंगलवार को यह कार्रवाई की गई। उन्होंने माना कि पिछले दिनों मामला मीडिया में आने के बाद दुकानदार अलर्ट हो गए थे, जिसके चलते छापेमारी में कुछ हाथ नहीं लगा।
उन्होंने कहा कि शिकायतकर्ता को थोड़े दिन इसकी जानकारी किसी को न देने की बात कही थी। एसपी ने कहा कि लगातार बाजार पर नजर रखी जाएगी और अवैध कारोबार करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।