राहुल गांधी ने कहा कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से नहीं डरते और खेती कानूनों के मुद्दे पर किसानों की हर लड़ाई में उनके साथ खड़े हैं। खेती बचाओ यात्रा के तहत समाना स्थित अनाज मंडी में आयोजित रैली में राहुल गांधी ने मोदी सरकार को बेरोजगारी से लेकर नोटबंदी व जीएसटी तक हर मुद्दे पर घेरा।
राहुल ने कहा कि मोदी केवल बड़ी बातें करना जानते हैं, जबकि चीन ने भारत की 1200 किलोमीटर जमीन पर कब्जा कर लिया है। अब चीन यहीं रुकने वाला नहीं है। चीन के इरादे खतरनाक हैं। इस मौके पर राहुल ने मोदी को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि अगर प्रधानमंत्री कहते हैं कि चीन ने भारत की जमीन में घुसपैठ नहीं की तो फिर हमारे देश के 20 जवान कैसे शहीद हो गए।
राहुल ने कहा कि किसान देश की रीढ़ की हड्डी हैं। अगर खेती कानून लागू करके इन्हें बर्बाद किया गया तो देश भी नष्ट हो जाएगा। पीएम मोदी अपने अहंकार में इस बात को या तो समझ नहीं रहे हैं या समझना नहीं चाहते हैं। मोदी ने अपने मित्रों अंबानी और अडानी की मदद के लिए देश को ही बर्बाद कर दिया। लोगों की खून पसीने की कमाई इन दोनों को दे दी।
उन्होंने पंजाब के किसानों को आह्वान किया कि हम सभी मिलकर मोदी व उनके मित्रों को दिखा देंगे कि किसानों की शक्ति क्या है। वह किसानों को कमजोर न समझें। कांग्रेस न तो किसानों की जमीनें, न उनके घर और न ही उनके बच्चों का भविष्य मोदी सरकार को छीनने देगी। कोविड के दौरान पलायन कर रहे मजदूरों की लगातार मौत की घटनाओं के लिए भी राहुल ने मोदी सरकार को पूरी तरह से जिम्मेदार बताया।
अपने ही जिले की रैली से गैरमौजूद रहे सिद्धू, अटकलें तेज
अपने ही जिले में खेती बचाओ यात्रा के तहत सोमवार को आयोजित रैली से पूर्व मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू नदारद रहे। इससे सिद्धू को लेकर अटकलों का बाजार एक बार फिर गर्म हो गया है। बताया जा रहा है कि सिद्धू द्वारा रविवार को मोगा की रैली में दिए भाषण से मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह और पंजाब प्रभारी हरीश रावत दोनों नाराज हैं। उन्होंने किसानों को एमएसपी देने के मुद्दे पर जहां अपनी ही सरकार पर सवाल खड़े कर दिए थे, वहीं उनकी भाव-भंगिमा पर भी एतराज जताया गया है। माना जा रहा है कि इस सब को लेकर ही सिद्धू सोमवार को संगरूर की किसान रैली व ट्रैक्टर मार्च और फिर समाना की रैली में शामिल नहीं हुए।
मोगा की रैली में जब सिद्धू ने रावत के साथ एंट्री ली तो ऐसा लगा कि शायद अब कैप्टन और सिद्धू के बीच पिछले कई महीनों से तल्खी खत्म हो जाएगी। लेकिन ऐसा नहीं हो सका। सिद्धू ने मंच पर रावत व राहुल गांधी के सामने ही कह दिया कि अगर खेती कानून रद्द नहीं हो पाते हैं तो पंजाब सरकार खुद अपने किसानों को धान व गेहूं पर एमएसपी दे।