कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी मानते हैं कि आगामी पंजाब चुनाव में कांग्रेस पर चौरासी के दंगों और ब्लूस्टार ऑपरेशन की यादें हावी नहीं होंगी। उन्होंने कहा कि
कांग्रेस सार्वजनिक तौर पर उन घटनाओं पर अफसोस जता चुकी है और पंजाब की जनता अब उसे राज्य के विकास और अमन के लिए याद करती है।
शनिवार को जीरकपुर में कांग्रेस के स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं को संबोधित करने से पहले संपादकों के साथ अंतरंग बातचीत में राहुल गांधी ने कहा कि पूर्व
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने संसद के दोनों सदनों में सन् चौरासी के घटनाक्रम पर खेद जताया था। कांग्रेस उपाध्यक्ष ने ये स्पष्टीकरण तब दिया जब एक पंजाबी अखबार के
संपादक ने उन्हें कनाडाई प्रधानमंत्री द्वारा हाल में कामगाटा मारू प्रकरण पर माफी मांगे जाने की याद दिलाई और पूछा कि क्या कांग्रेस भी अपनी गलती के लिए माफी मांगने
को तैयार है।
एक अन्य सवाल के जवाब में राहुल ने कहा कि आगामी चुनाव में कांग्रेस का मुकाबला आप पार्टी से नहीं, बल्कि अकालियों की डरावनी मशीनरी से है। उन्होंने कहा कि
अकाली हिंसा और पैसे की ताकत के बूते चुनाव जीतने की कोशिश करते हैं। ऐसे में सिर्फ अपने जमीनी काम की बदौलत कांग्रेसी नेताओं के लिए चुनाव जीतना मुश्किल
तो होगा लेकिन जनमत अब अकालियों के इतना खिलाफ है कि कांग्रेस की सरकार बन कर रहेगी।
उन्होंने कहा कि आप पार्टी जनता का पैसा पब्लिसिटी पर लुटाने में कोई कसर नहीं छोड़ रही लेकिन पंजाब में उसका कोई बड़ा आधार नहीं है। अपने पुराने और व्यापक
नेटवर्क की बदौलत कांग्रेस ही अकालियों के लिए प्रमुख चुनौती बनी रहेगी। उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि मुझे यह बात बड़ी रोचक लगती है कि आप के पास विज्ञापनों
और पब्लिसिटी पर लुटाने के लिए चार सौ - पांच सौ करोड़ का बजट कहां से आता है।
मोदी सरकार माकेंटिंग में बेहतर
जब कांग्रेस उपाध्यक्ष से पूछा गया कि दो साल का मोदी सरकार का काम कैसा रहा, तो उन्होंने कहा कि और किसी मोर्चे पर नहीं, सिर्फ मार्केटिंग और प्रचार में मोदी सरकार
सफल रही है। कभी स्वच्छ भारत, कभी स्टैंड अप इंडिया, और कभी किसी और तरह के नारे लाकर पब्लिक को भरमाने में केंद्र सरकार माहिर है। कांग्रेस ने आधार कार्ड
और जीएसटी जैसे ऐतिहासिक सुधारों की नींव रखी लेकिन उनकी मार्केटिंग कर मोदी सरकार क्रे डिट बटोरने की कोशिश कर रही है।