कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने सोमवार को यहां एशिया की दूसरी सबसे बड़ी और देश की सबसे बड़ी बागवानी मंडी का शिलान्यास किया। इसे भारतीय अंतरराष्ट्रीय बागवानी मार्केट का नाम दिया गया है।
शिलान्यास समारोह में राहुल गांधी के साथ सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा, केंद्रीय मंत्री जयराम रमेश, कांग्रेस के महासचिव और हरियाणा प्रभारी शकील अहमद, पूर्व केंद्रीय मंत्री रेणुका चौधरी भी मौजूद थीं।
गन्नौर में 536 एकड भूमि में बनने वाली मंडी का डिजाइन पेरिस के निकट स्थित रंगीस मार्केट की तर्ज पर किया जाएगा। इसकी स्थापना पर करीब 1500 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
इसके लिए रंगीस ग्रेसड कंपनी की परामर्श सेवाएं ली जा रही हैं। इससे उत्तर भारत के राज्यों के किसानों को बड़ा लाभ होगा। दिल्ली की आजादपुर मंडी की भीड़ कम करने में भी यह मददगार बनेगी।
यह मंडी फलों, सब्जियों, फूलों तथा डेयरी उत्पादों का टर्मिनल होने के साथ ही थोक व्यापारियों की आवश्यकताओं को पूरा करेगी। इसकी स्थापना से पोषण सुरक्षा सुनिश्चित होगी और किसानों के साथ ही दूसरे सहभागियों की आय बढ़ाने में सहायता मिलेगी, जिससे प्रदेश को लाभ होगा।
इसमें कूल चैंबर, रिपनिंग चैंबर, ग्रेडिंग, सोटिंर्ग, वैक्सिंग और पैकिंग जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इस मार्केट में विशेष कॉमोडिटी हब, मल्टीपल कॉमोडिटी हब और कलेक्शन केंद्र भी होंगे। यहां एक नेशनल बागवानी आर्केड भी विकसित किया जा रहा है।
इसमें राज्यों और केंद्र के संबंधित सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों को जगह दी जाएगी। इससे प्रदेश में विशेष उत्पाद को बढ़ावा मिलेगा और बागवानी उत्पादों की बिक्री की सुविधा मिलेगी। यह आर्केड दिल्ली के प्रगति मैदान की तर्ज पर होगा।
मार्केट में एक लॉजिस्टिक हब भी बनाया जा रहा है, जिसमें रेफ्रीजेरेटेड रेलगाड़ियां और ट्रकों के साथ विश्व स्तरीय परिवहन की सुविधा उपलब्ध होगी। इस मार्केट में कॉनकोर इंडिया द्वारा विभिन्न सुविधाएं मुहैया करवाने, संचालन और रख-रखाव के लिए एचएसएएमबी के साथ समझौता करने का प्रस्ताव भी रखा गया है।