पंजाब में जीत के लिए राहुल ने सभी को साथ लेकर चलने को बताया जरूरी, खरगे ने संगठन में ऊर्जा भरने को कहा
जयराम रमेश बोले- सफल कप्तान की खूबी पूरी टीम को साथ रखना, परगट से गुटबाजी खत्म कर संगठन मजबूत करने की अपेक्षा
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के नए अध्यक्ष परगट सिंह इन दिनों दिल्ली में वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं से मुलाकात कर हाईकमान का भरोसा जीतने और उनका आशीर्वाद लेने में जुटे हैं। अध्यक्ष बनने के बाद से वह अभी तक पंजाब नहीं लौटे हैं। सोमवार को परगट सिंह ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे समेत अन्य वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की। परगट ने सभी नेताओं से संगठन को मजबूत करने के संदर्भ में उनके अनुभव भी जाने। इस दौरान राहुल और खरगे ने उन्हें मंत्र दिया कि पंजाब में पार्टी की जीत के लिए जरूरी है कि कोई भी छोटा-बड़ा नेता या कार्यकर्ता खुद को अनदेखा महसूस न करे।
राहुल गांधी ने परगट को उसी अंदाज में पंजाब की कप्तानी करने को कहा, जैसे वह भारतीय हॉकी टीम की करते थे। उन्होंने कहा कि सूबे में सभी को साथ लेकर आगे बढ़ना है। हर कार्यकर्ता और नेता की बात सुनते हुए उसे यह अहसास करवाना है कि वह पंजाब कांग्रेस की अहम कड़ी है। राहुल ने संगठन में सभी को साथ लेकर चलने और कार्यकर्ताओं में भरोसा पैदा करने पर जोर दिया।
उधर, राष्ट्रीय अध्यक्ष खरगे ने परगट को संगठन में ऊर्जा भरने और सभी जिलों में संगठन की बैठकें लेने को कहा। उन्होंने कहा कि इससे कार्यकर्ताओं और नेताओं को यह अहसास होगा कि प्रदेश अध्यक्ष उनसे मिलने और आगामी चुनाव के लिए उनके क्षेत्र के सियासी हालात पर विमर्श करने उनके पास पहुंच रहा है। खरगे ने संगठन को सक्रिय करने और जमीनी स्तर पर नेताओं-कार्यकर्ताओं के साथ संपर्क बढ़ाने पर जोर दिया।
कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि एक सफल खेल कप्तान की सबसे बड़ी खूबी पूरी टीम को एक साथ जोड़कर रखना होती है। परगट सिंह की वही कप्तानी वाली क्षमता अब पंजाब में पार्टी संगठन, सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं को एक मंच पर लाने में काम आएगी। इन नेताओं से मुलाकात के दौरान परगट ने आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर अपनी रणनीति का खाका भी पेश किया। इस दौरान नेताओं ने परगट को पंजाब में गुटबाजी खत्म कर अनुशासित और संगठनात्मक रूप से मजबूत टीम खड़ी करने को कहा।
पार्टी की एकजुटता ही प्राथमिकता : परगट
मुलाकात के बाद परगट सिंह ने स्पष्ट किया कि उनकी पहली प्राथमिकता कार्यकर्ताओं में नए उत्साह का संचार करना और पार्टी को एकजुट रखना है। उन्होंने कहा कि नई ऊर्जा और अपने नेताओं, कार्यकर्ताओं व पंजाब की जनता की सामूहिक शक्ति के साथ हम कांग्रेस संगठन को मजबूत करने और पंजाब के बेहतर भविष्य के निर्माण के लिए पूरी लगन से काम करेंगे।
चन्नी साध रहे सियासी संतुलन
पूर्व मुख्यमंत्री और सांसद चरणजीत सिंह चन्नी भी इन दिनों पंजाब कांग्रेस की सियासत में सक्रिय नजर आ रहे हैं। हालांकि, अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के प्रदेश अध्यक्ष रहते उन्होंने अपनी कार्यप्रणाली को सीमित कर लिया था। अब प्रदेश अध्यक्ष के रूप में परगट सिंह की नियुक्ति के बाद चन्नी ने हाईकमान के फैसले का समर्थन किया है। पार्टी में नेतृत्व परिवर्तन के बीच वह लगातार वरिष्ठ नेताओं के संपर्क में हैं और संगठन को मजबूत करने की बात भी कर रहे हैं। वह अब सियासी संतुलन साध रहे हैं, जबकि वड़िंग के खिलाफ नाराज कांग्रेसी नेताओं की धड़ेबंदी को वे ही नेतृत्व दे रहे थे।