राफेल की युद्ध क्षमता की बात करें तो एयर सुपीरियरिटी के साथ-साथ एयर डिफेंस, क्लोज एयर सपोर्ट, इन डेप्थ स्ट्राइक क्षमताओं से भी यह विमान पूरी तरह से लैस है। जबकि इसका वेपन सिस्टम भी बेहद तबाही मचाने वाला है। राफेल में लगा नेस्टर एम 791 कैनन सिस्टम में इंस्टॉल्ड 30 एमएम कैनन गन 1 मिनट में ढाई हजार राउंड फायर करने की योग्यता रखती है।
इस कैनन गन का इस्तेमाल इंडियन आर्मी के विभिन्न ग्राउंड ऑपरेशंस मैं बहुत बड़ा मददगार साबित होगा। इसके अलावा फायर एंड फॉरगेट एयर-टू-एयर मिसाइल एमआईसीए आरएफ एंड आईआर भी राफेल में मौजूद है। यह मीडियम रेंज की मिसाइल है, जिसकी लंबाई 3.1 मीटर है जबकि व्यास 0.16 मीटर है इसका वजन 112 किलो है।
इसके अतिरिक्त राफेल में एक और एयर-टू-एयर मिसाइल मेटिऑर मिसाइल भी मौजूद है। बियोंड विजुअल रेंज कि यह मिसाइल 100 किलोमीटर तक अपनी मारक क्षमता रखती है। इसका वजन 190 किलोग्राम लंबाई 12 फीट 2 इंच है। राफेल लांग रेंज क्रूज मिसाइल स्कैल्प से भी लैस है। एयर-टू-सरफेस इस मिसाइल का इस्तेमाल सीरिया में आईएसआईएस के ठिकानों को नेस्तनाबूद करने में किया जा चुका है।
तूफानी छाया के नाम से मशहूर इस क्रूज मिसाइल की ऑपरेशनल रेंज 560 किलोमीटर है। इसका वजन 1300 किलोग्राम है। जबकि व्यास 0.48 मीटर है और लंबाई 5. 1 मीटर है। इस मिसाइल में जो हथियार इंस्टॉल है। उसका वजन 450 किलो है। इस मिसाइल की अधिकतम गति 1000 किलोमीटर प्रति घंटा है। इसके अलावा राफेल में लेजर गाइडेड बम इंस्टॉल करने की भी क्षमता है। इसके साथ साथ हाल ही में हैमर मिसाइल को भी राफेल में इंस्टॉल करने की बात चल रही है अगर ऐसा होता है तो राफेल की मारक क्षमता और बढ़ सकती है।