एडीजीपी जेल प्रवीण कुमार सिन्हा का स्वागत करते एसपी जगजीत सिंह सरोआ व अन्य।
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माडर्न जेल कपूरथला में बंद खूंखार अपराधी तमंचे की जगह अब माइक थामे गुनगुनाते नजर आएंगे। कुख्यात अपराध के बाद अब उनके अंदर दफन प्रतिभा को सामने लाया जाएगा। दरअसल, यहां कैदी रेडियो जॉकी की भूमिका में दिखाई देंगे। पंजाब सरकार ने जेल सुधार के क्रम में माडर्न जेल कपूरथला में सोमवार को ‘रेडियो उजाला’ का आगाज किया। इसका उद्घाटन एडीजीपी जेल प्रवीण कुमार सिन्हा ने किया। इस रेडियो को जेल के बंदी चलाएंगे।
रेडियो उजाला के लिए अत्याधुनिक स्टूडियो तैयार किया गया है। इसमें लता मंगेशकर, गजल गायक जगजीत सिंह, मोहम्मद रफी जैसे महान फनकारों के चित्र भी सुशोभित हैं। सोमवार को माडर्न जेल में सुरिंदर सिंह सैनी डीआईजी हेडर्क्वाटर, अमनीत कौंडल डीआईजी हेडर्क्वाटर समेत इसकी शुरुआत करने मौके पर
एडीजीपी ने कहा कि पंजाब की छह जेलों में ‘रेडियो उजाला’ शुरू किया गया है, जिसमें बंदी रोजाना 3 से 4 घंटे तक प्रोग्राम पेश कर अपने फन का प्रदर्शन करने के साथ-साथ मनोरंजन करेंगे। यह प्रोग्राम धार्मिक, सामाजिक और संस्कृतिक विषयों से सबंधित होंगे और बंदी अपने शौक, हुनर और कला के अनुसार अनाउंसर, रेडियो जॉकी की भूमिका निभाएंगे।
उन्होंने कहा कि अनेकों बार लोग एक बार की गलती में जेल आ जाते हैं, जिस कारण उनको सुधारकर दोबारा मुख्य धारा में लाकर सामाजिक और आर्थिक विकास में भागीदार बनाने के मकसद से ही रेडियो सर्विस शुरू की गई है। यह रेडियो सेवा इंडिया विजन फाउंडेशन और एचआर टूल की सहायता से शुरू की गई है।
जेल के सभी वार्डों और बैरकों को रेडियो से जोड़ने के लिए स्पीकर लगाए गए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि बंदियों की तरफ से पेश किए गए प्रोग्राम की रिकार्डिंग उनके परिवारों को भेजने की व्यवस्था भी की जा रही है। कपूरथला जेल में रेडियो उजाला की शुरुआत के समय पर पहला प्रोग्राम रेडियो जॉकी मेघना और लखविंदर सिंह ने पेश किया। बंदियों ने संस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया।