कोटकपूरा गोलीकांड में गठित स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) ने मंगलवार को पूर्व डीआईजी आरएस खटड़ा, पूर्व डीआईजी अमरपाल सिंह चहल और तत्कालीन एसएसपी एसएस मान से करीब तीन घंटे पूछताछ की। उनसे भी एसआईटी ने यह जानने की कोशिश की है कि 2015 में जब फरीदकोट में धार्मिक ग्रंथों की बेअदबी और फायरिंग की घटना हुई थी तो इसका आदेश किसने दिया था।
दूसरी तरफ इस समय मौजूदा सरकार पर भी केस को लेकर काफी दबाव है, क्योंकि सिख संगत जल्दी इंसाफ चाहती है। सोमवार को एसआईटी ने तत्कालीन उप मुख्यमंत्री सुखबीर बादल से तीन घंटे पूछताछ की थी। उम्मीद जताई जा रही है कि एसआईटी जल्दी ही जांच रिपोर्ट हाईकोर्ट में सौंपेगी।
उस समय के अधिकारियों से पूछताछ के साथ ही हमले में घायल लोगों का डाटा भी जुटाया जा रहा है। इससे पहले एसआईटी पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल से उनके घर जाकर पूछताछ की थी। इस दौरान बादल ने कहा था कि वह जांच में अपनी तरफ से पूरा सहयोग देंगे। वह भी चाहते हैं कि मामले की सच्चाई सामने आए।
सैनी सेहत का हवाला दे नहीं हुए पेश
इस मामले में पंजाब के तत्कालीन डीजीपी सुमेध सैनी को भी पूछताछ के लिए दोबारा समन भेजे थे लेकिन वह सेहत का हवाला देकर एसआईटी के सामने पेश नहीं हुए। इसके अलावा एसआईटी ने घटनास्थल का दौरा कर तथ्य जुटाए थे।