चंडीगढ़। क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया (क्यूसीआई) ने देश के 12 स्मार्ट सिटी का ऑडिट किया है। ढाई महीने में किए गए ऑडिट की रिपोर्ट शुक्रवार को चंडीगढ़ में क्यूसीआई के पीपीआईडी प्रमुख सुब्रतो घोष ने जारी की। क्यूसीआई ने 12 शहरों को चार प्रमुख मापदंडों के आधार पर पांच स्टार में से रेटिंग दी है। इसमें चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी ओवरऑल तीन स्टार के साथ दूसरे नंबर पर है जबकि आगरा स्मार्ट सिटी पहले नंबर पर आया है।
सुब्रतो घोष ने बताया कि क्यूसीआई की टीमों ने करीब ढाई महीने में 12 शहरों का दौरा किया और स्मार्ट सिटी के तहत लगाए गए स्ट्रीट लाइटिंग, ट्रैफिक मैनेजमेंट और सीसीटीवी इंफ्रास्ट्रक्चर की जांच की है। सुविधा, उपकरण, प्रोसेस और हितधारक समन्वय ऑडिट हुआ है। सुविधा ऑडिट में देखा गया है कि स्मार्ट सिटी के इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (आईसीसीसी) में स्टाफ कैसा, कितना है और इंफ्रास्ट्रक्चर कितना मजबूत है। अलग-अलग स्थानों पर कितने उपकरण लगाए गए हैं और उनमें से कितने डिवाइस काम कर रहे हैं। क्या वह आईसीसीसी को रियल टाइम डाटा भेज रहे हैं। प्रोसेस ऑडिट में जांच की गई है कि उपकरणों से मिलने वाली जानकारियों को आईसीसीसी कैसे प्रोसेस कर रहे हैं। चौथा हितधारक समन्वय ऑडिट हुआ है, जिसमें यह जांच की गई है कि किस तरह से स्मार्ट सिटी विभिन्न हितधारकों के साथ समन्वय बनाकर कार्य कर रहे हैं। क्यूसीआई ने चंडीगढ़ के इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 स्थित एक होटल में शुक्रवार को आयोजित ऑल इंडिया स्मार्ट सिटी सीईओ कांफ्रेंस में शहरों की रेटिंग जारी की।
भोपाल के कैमरे मिले सबसे अच्छे, अहमदाबाद में सुविधाएं सबसे बेहतर
जारी रेटिंग के आधार पर भोपाल में लगे सीसीटीवी कैमरों की क्वालिटी सबसे बेहतर और रेजुलेशन सबसे ज्यादा मिला। अहमदाबाद के आईसीसीसी में सुविधाएं सबसे अच्छी हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकसभा क्षेत्र वाराणसी इसमें ढाई स्टार के साथ छठे नंबर पर है। ऑडिट में पाया गया कि सीसीटीवी कैमरे सिर्फ धार्मिक स्थान और कॉलेज के पास लगाए गए हैं। सड़कों पर कैमरे नहीं है। चंडीगढ़ को प्रोसेस और हितधारक ऑडिट में ढाई-ढाई स्टार मिले। ज्यादातर स्मार्ट सिटी को डाटा के प्रोसेस में डेढ़ से दो स्टार मिले हैं। सिर्फ भोपाल को तीन स्टार मिले हैं। सुब्रतो घोष ने बताया कि राउरकेला की रेटिंग इसलिए सबसे ज्यादा कम है, क्योंकि जिस समय यह ऑडिट हुआ था वहां पर आईसीसीसी के निर्माण का कार्य चल रहा था।
31 दिसंबर की रात नई दिल्ली में हुए हादसे के बाद केंद्र ने दिए थे ऑडिट के आदेश
31 दिसंबर 2022 की रात नई दिल्ली में एक लड़की को सड़क पर कई किमी घसीटा गया था। घटना में लड़की की मौत हो गई थी। पूरी घटना को नई दिल्ली में लगे कई स्मार्ट कैमरों ने रिकॉर्ड किया लेकिन कंट्रोल सेंटर को कोई अलर्ट नहीं गया। इसके कुछ दिन बाद केंद्र सरकार ने क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया को आदेश दिया कि वह स्मार्ट शहरों में बनाए गए सुरक्षा और सुरक्षा संबंधी बुनियादी ढांचे का ऑडिट करें। इसके लिए आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय ने 12 शहरों को चुना गया, जिसमें अगरतला, आगरा, अहमदाबाद, भोपाल, चंडीगढ़, नागपुर, नई दिल्ली नगरपालिका परिषद, राउरकेला, सूरत, वाराणसी, पिंपरी चिंचवड और प्रयागराज शामिल रहा।
चंडीगढ़ की मजबूती
- स्मार्ट सिटी ने 99 फीसदी उपकरणों को लगा दिया गया है, जिसमें से 95 फीसदी उपकरण अच्छे से कार्य कर रहे हैं
- पार्किंग वायलेशन डिटेक्शन, ऑटोमेटिक नंबर प्लेट रिकॉग्निशन और रेड लाइट वायलेशन डिटेक्शन उपकरण सबसे ज्यादा लगाए गए हैं
- शहर में लगभग सभी तरह के उपकरणों उपकरण मौजूद है, जिसका लाभ भी मिल रहा है।
चंडीगढ़ की कमजोरी
- ज्यादातर उपकरण मुख्य रास्तों या शहर के एंट्री और एग्जिट द्वार पर लगाए गए हैं
- इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम से शहर के 39 फीसदी ट्रैफिक जंक्शन ही जुड़े हैं
चंडीगढ़ के लिए सुझाव
- हितधारकों से चर्चा कर घटना आधारित एसओपी बनाने की जरूरत है
- कॉलोनियों और असुरक्षित स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने चाहिए
- फायर विभाग और स्वास्थ्य विभाग को इमरजेंसी नंबरों से जोड़ने की जरूरत है
12 स्मार्ट शहरों की रेटिंग
नंबर शहर ओवरऑल रैंकिंग
1. आगरा तीन स्टार
2. चंडीगढ़ तीन स्टार
3. भोपाल तीन स्टार
4. अहमदाबाद तीन स्टार
5. अगरतला तीन स्टार
6. वाराणसी ढाई स्टार
7. प्रयागराज ढाई स्टार
8. सूरत ढाई स्टार
9. नागपुर ढाई स्टार
10. पीसीएमसी ढाई स्टार
11. एनडीएमसी दो स्टार
12. राउरकेला आधा स्टार