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Chandigarh News: चंडीगढ़ में बनेगा पंजाब का जीएसटी अपीलीय ट्रिब्यूनल, जल्द होगी सुनवाई

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-जीएसटी काउंसिल की 54वीं बैठक में मिली मंजूरी, जालंधर में होगी अतिरिक्त बेंच
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-अब जीएसटी से जुड़े मामलों में फास्ट ट्रैक के आधार पर होगी सुनवाई
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पंजाब सरकार की तरफ से चंडीगढ़ में वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) का मुख्य अपीलीय ट्रिब्यूनल स्थापित किया जाएगा। साथ ही जालंधर में अतिरिक्त बेंच भी बनेगी। पिछले दिनों जीएसटी काउंसिल की 54वीं बैठक में भी जीएसटी अपीलीय ट्रिब्यूनल की स्थापना को लेकर चर्चा हुई थी, जिसमें इसको मंजूरी दे दी गई है।
ट्रिब्यूनल स्थापित होने से पंजाब के जीएसटी से जुड़े मामलों में अब फास्ट ट्रैक के आधार पर सुनवाई हो सकेगी, जिससे व्यापारियों को बड़ा फायदा होगा। ट्रिब्यूनल होने से वह निचले स्तर पर हुए फैसलों में अपील करने में असमर्थ थे। वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने काउंसिल की बैठक में अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों को उठाया है। उन्होंने कहा कि जीएसटी प्रणाली लागू होने के बाद राज्य के राजस्व में काफी कमी आई है। जीएसटी काउंसिल को कर राजस्व में कमी वाले राज्यों को मुआवजा देना चाहिए। जीएसटी प्रणाली के तहत कर दरें अब राज्य के नियंत्रण में नहीं हैं, जिससे पंजाब इस प्रणाली के कारण हुए नुकसान की भरपाई नहीं कर सकता।
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दूसरे राज्यों में उपयोग होने वाली वस्तुओं का निर्माण पंजाब में होने के कारण ही प्रदेश को आईजीएसटी का उपयुक्त हिस्सा नहीं मिलता। यही कारण है कि उन्होंने राजस्व में कमी वाले राज्यों को मुआवजा देने के तरीकों की समीक्षा करने की अपील की। पंजाब सरकार ने व्यापार से व्यापार (बीटूबी) लेनदेन पर 2% टीडीएस के साथ-साथ रिवर्स शुल्क प्रणाली के आधार पर मेटल स्क्रैप पर कर लगाने के जीएसटी काउंसिल के फैसलों का स्वागत किया। हालांकि, कैबिनेट मंत्री चीमा ने मेटल स्क्रैप पर रिवर्स शुल्क प्रणाली (आरसीएम) की दर की समीक्षा करने और इसे 5% तक घटाने का प्रस्ताव दिया। पंजाब सरकार ने कर नियमों के अनुपालन में सुधार के लिए बिजनेस टू कंज्यूमर ई-इनवॉइसिंग संबंधी पायलट प्रोजेक्ट शुरू करने के लिए भी सहमति जताई। काउंसिल ने बिजली के ट्रांसमिशन और वितरण संबंधी सहायक सेवाओं में छूट दी है। पंजाब ने कर वसूली को आसान बनाने के लिए व्यावसायिक संपत्तियों पर जीएसटी लगाने का प्रस्ताव भी रखा, जिसे सर्वसम्मति से मंजूरी दी गई।
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