इसकी जगह रहीमपुर से बाबा प्रगट नाथ में उन्होंने पत्रकारों से कहा कि 12 तारीख को वह रहीमपुर से शोभायात्रा अमृतसर लेकर जाएंगे। अमृतसर में भगवान वाल्मीकि धाम पर पहुंचने के बाद गायक केस मक्खन शोभायात्रा में शिरकत करेंगे। 13 अक्तूबर को भगवान वाल्मीकि प्रकट उत्सव के दौरान भी केएस मक्खन साथ ही रहेंगे।
गायक मक्खन नशा तस्करी के एक मामले में जेल भी जा चुके हैं। जालंधर के नकोदर थाने में 1 अगस्त, 2006 को मक्खन के खिलाफ तस्करी का केस दर्ज हुआ था। उन पर कनाडा में ड्रग्स रैकेट चलाने का आरोप था। इस मामले में मक्खन को जेल भी जाना पड़ा था।
मक्खन के फैसले को एसजीपीसी ने बताया दुर्भाग्यपूर्ण
प्रसिद्ध लोक गायक केएस मक्खन के सिखी स्वरूप छोड़ देने के फैसले को एसजीपीसी अध्यक्ष भाई गोबिंद सिंह लौंगोवाल ने दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। लौंगोवाल ने कहा कि गुरु साहिबान और सिख कौम ने ककारों की रक्षा के लिए अपनी जानें न्योछावर की हैं। लोक गायक आज जिस मुकाम पर पहुंचे है, वह मां बोली पंजाबी की बदौलत है।
सभी पंजाबियों को मां बोली का सम्मान करना चाहिए। यदि गुरदास मान अपनी गलती की माफी मांगते हैं, तो उन्हें माफ कर देना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत सरकार द्वारा आठ सिख कैदियों की रिहाई और बलवंत सिंह राजोआना की फांसी की सजा को उम्रकैद में बदलने का स्वागत है। इनकी रिहाई के लिए एसजीपीसी कई साल से संघर्ष कर रही थी।