पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी की मुश्किलें बढ़ने वाली हैं। विजिलेंस ब्यूरो ने भ्रष्टाचार से जुड़े मामले में सरकार को पत्र लिखकर उनके खिलाफ कार्रवाई के लिए अनुमति मांगी है। अधिकारियों के मुताबिक सरकार से अनुमति मिलने के बाद उनके खिलाफ विजिलेंस कानूनी कार्रवाई शुरू कर देगी। अगर चन्नी पर केस दर्ज होता है तो वह राज्य के चौथे पूर्व मुख्यमंत्री होंगे, जो विजिलेंस ब्यूरो के केस का सामना करेंगे। इससे पहले कैप्टन अमरिंदर सिंह, राजिंदर कौर भट्ठल, प्रकाश सिंह बादल भी विजिलेंस जांच का सामना कर चुके हैं।
यह मामला गोवा में राज्य सरकार की जमीन सस्ते रेट पर एक निजी कंपनी को लीज पर देने से जुड़ा है। इस मामले में विजिलेंस ने भ्रष्टाचार निरोधी एक्ट 1996 की धारा 17 ए के तहत जरूरी मंजूरी मांगी है। पूर्व सीएम के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति मामले की जांच चल रही है लेकिन विजिलेंस ने गोवा की जमीन लीज पर देने के मामले में पुख्ता सबूत जुटा लिए है। पता चला है कि मुख्यमंत्री के साथ काम करने वाले अधिकारियों के खिलाफ भी जांच की जा रही है। उनकी भूमिका को भी जांचा जा रहा है।
कैप्टन अमरिंदर सिंह की सरकार में चरणजीत सिंह चन्नी पर्यटन मंत्री थे। मुख्यमंत्री बनने के बाद चन्नी ने यह विभाग भी अपने पास रख लिया था। विजिलेंस के जांच अधिकारी इस मामले में दो बार पूर्व मुख्यमंत्री से पूछताछ कर चुके हैं। विजिलेंस ने अप्रैल में पूछताछ की थी। जांच टीम ने उनसे करीब 100 सवाल पूछे थे। चन्नी के खिलाफ उनके कार्यकाल में रेत माफिया से संबंध, अवैध कॉलोनियां काटने, सरकारी ग्रांटों का दुरुपयोग, विदेश दौरों पर खर्च, देश-विदेश में किया गया निवेश और ईडी द्वारा गिरफ्तार किए गए साली के बेटे से बरामद पैसे से जुड़े तथ्यों की जांच की जा रही है।
कई नेता पहुंच चुके हैं सलाखों के पीछे
पंजाब में कांग्रेस नेताओं के खिलाफ विजिलेंस जांच लगातार जारी है। अब तक कई नेताओं पर केस दर्ज किए जा चुके हैं। मौजूदा भाजपा नेता व कांग्रेस सरकार में वित्त मंत्री रहे मनप्रीत बादल पर भी भ्रष्टाचार का केस दर्ज हो चुका है। इससे पहले पूर्व डिप्टी सीएम ओपी सोनी, पूर्व मंत्री साधु सिंह धर्मसोत, भारत भूषण आशु, संगत सिंह गिलजियां, सुंदर शाम अरोड़ा, पूर्व विधायक कुशलदीप सिंह ढिल्लों, सत्कार कौर समेत कई नेताओं पर केस दर्ज हो चुके हैं। कई नेताओं के खिलाफ जांच चल रही है।