इंक्वायरी की लेटर आने पर दूसरी किश्त दलजीत को दे दी। इसके बाद दलजीत उन्हें दिल्ली ले गया, वहां डीआरएम दफ्तर में कार्यरत हेड क्लर्क रवि मल्होत्रा व जोगिंदर सिंह से मिलवाया। उन्होंने कहा कि तुम्हारा काम हो चुका है, घर पर ट्रेनिंग का पत्र आ जाएगा फिर उनके घर ट्रेनिंग के लिए पत्र पहुंचा है।
दोनों बेटों को वाराणसी में तीन माह ट्रेनिंग दी गई और ट्रेनिंग के दौरान का वेतन भी दिया गया। ट्रेनिंग खत्म होने पर कहा कि अब 45 दिन बाद एक पत्र घर पहुंचेगा। इसके बाद उन्हें नौकरी मिल जाएगी। मंगल ने कहा कि अभी तक उनके घर पत्र नहीं पहुंचा है। नौ लाख रुपये उनसे वसूले जा चुके हैं। दलजीत इसी कार्य को करवाने के लिए अब 20 हजार रुपये और मांग रहा है। विजिलेंस टीम ने मंगलवार को 20 हजार रुपये लेते हुए रंगे हाथों दलजीत को काबू किया है। थाना विजिलेंस ने दलजीत सिंह, हेड क्लर्क रवि मल्होत्रा व क्लर्क जोगिंदर सिंह के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
कई नौजवानों को बनाया अपना शिकार
पुलिस सूत्रों के मुताबिक दलजीत सिंह ने कई नौजवानों को रेलवे में नौकरी दिलवाने का झांसा देकर ठगी की। इसके खिलाफ कई मामले भी दर्ज हैं। इस फर्जीवाड़े में कई नेताओं पर भी गाज गिर सकती है। ये घोटाला लगभग 65 करोड़ रुपये का बताया जा रहा है।