शिअद-भाजपा सरकार के 1200 करोड़ रुपये के सिंचाई घोटाले में पूर्व आईएएस अधिकारी केबीएस सिद्धू की मुश्किलें बढ़ गईं हैं। विजिलेंस ब्यूरो ने अब दोबारा उन्हें पूछताछ के लिए 13 दिसंबर का समन जारी किया है। ब्यूरो ने पूछताछ के लिए चार सदस्यीय टीम गठित की है। इससे पहले भी विजिलेंस ने पूर्व आईएएस सिद्धू को पूछताछ के लिए समन भेजे थे।
समन के खिलाफ वह पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट चले गए थे। उन्होंने कहा था कि इस मामले की जांच पहले ही पूरी हो चुकी है और मोहाली की कोर्ट में चालान भी पेश किया जा चुका है। इस पूरे केस में दर्ज की गई एफआईआर में उनका नाम नहीं था। मुख्य आरोपी के बयान के बाद उनका नाम दर्ज किया गया। उनका कहना था कि जिस केस में चालान पेश किया जा चुका है उसकी दोबारा जांच सही नहीं है।
इससे पहले इस मामले में पूर्व आईएएस अधिकारी काहन सिंह पन्नू और पूर्व मंत्री शरणजीत सिंह ढिल्लों से पूछताछ हो चुकी है। जबकि पूर्व मुख्य सचिव सर्वेश कौशल को भी समन भेजे गए थे लेकिन वह विदेश में होने के चलते जांच में शामिल नहीं हुए। उन्होंने हाईकोर्ट की शरण ली। अदालत ने उनके खिलाफ जारी लुकआउट सर्कुलर पर रोक लगा दी है। वहीं, उनके वकीलों ने अदालत को बताया है कि सर्वेश कौशल विदेश से लौटकर जांच में पूरा सहयोग करेंगे।