पंजाब विधानसभा का शीतकालीन सत्र इस बार बेहद गर्म रहने वाला है। पिछले दिनों हुई बड़ी घटनाएं खास मुद्दा रहेंगी। पंजाब विधानसभा के शीतकालीन सत्र से पहले लगातार बड़े मुद्दे विपक्ष के हाथ आते जा रहे हैं।
बीते कई चुनाव में लगातार मिल रही पराजय और आंतरिक गुटबाजी की वजह से बिखरी नजर आ रही कांग्रेस को हाल की कुछ घटनाओं से नई ऊर्जा मिली प्रतीत हो रही है।
इसके चलते अगला विधानसभा सत्र गर्मागर्म बहस से भरपूर होगा, इसकी पूरी संभावना बन गई है। विपक्षी नेता कानून व्यवस्था समेत अनेक मुद्दे पर सरकार को घेरने की पूरी तैयारी कर चुके हैं।
सदन में इन मुद्दों पर होगी गर्मागर्म बहस
कानून व्यवस्था- प्रदेश की कानून व्यवस्था के मामले में विपक्ष के हाथ में कई मुद्दे हैं। इनमें लुधियाना में हाल ही में एक लड़की को घर में घुसकर जलाने की घटना, कुछ समय पहले दो भाइयों के फर्जी एनकाउंटर की वारदात, अमृतसर और गुरदासपुर में पुलिस उत्पीड़न की घटनाएं, ऐसे मामले हैं, जिन्हें विपक्ष सत्र के दौरान जोरशोर से उठाने की तैयारी में है।
बेरोजगारी- मुख्यमंत्री के आवास के बाहर गुरप्रीत कौर के आत्मदाह की कोशिश की घटना ने कांग्रेस को सरकार के खिलाफ बड़ा मौका दे दिया है। इसके जरिए वह सरकार को बेरोजगारी के मुद्दे पर भी घेरेगी। गुरदासपुर की गुरप्रीत कौर ने बेरोजगारी से परेशान होने की वजह से मुख्यमंत्री आवास के पास आत्मदाह का प्रयास किया था। इस घटना को लेकर विपक्ष सरकार पर लगातार हमले कर रहा है कि सरकार बेरोजगारी को दूर करने के लिए कुछ नहीं कर रही। अनेक युवा संगठन समय-समय पर इन मांगों को लेकर प्रदर्शन करते रहते हैं। अब यह मामला विधानसभा में गूंजेगा।
स्वास्थ्य- अमृतसर और गुरदासपुर में नेत्र चिकित्सा शिविरों के दौरान लोगों की आंखों की रोशनी जाने और लुधियाना में डॉक्टर की गैरहाजिरी की वजह से नवजातों की मौत के मामले भी प्रदेश में बीते दिनों सुर्खियों में रहे हैं। विपक्ष ने इसे हेल्थ सिस्टम का तहस-नहस हो जाना करार दिया है। सदन में यह मुद्दे भी गूंजेंगे।
कृषि- यूरिया की कमी और किसानों को धान की फसल की अदायगी की आखिरी किस्त जारी होने में हुई देरी जैसे मुद्दे कृषि क्षेत्र से संबंधित हैं। इनके मामले में भी विपक्ष सदन में पूरी तरह से फ्रंट फुट पर रहेगा।
नशा, रेत-बजरी- नशा तस्करी और रेत-बजरी अािद ऐसे मुद्दे हैं जो पंजाब में लगातार चर्चा का विषय रहे हैं। इन मसलों के फ्रंट पर भी विपक्ष, सरकार को कठघरे में खड़ा करने की पूरी तैयारी कर रहा है।
कोट्स
सरकार ही फ्रंट पर फेल रही है। हम जोरदार तरीके से लोगों के मसलों को सत्र में उठाएंगे।
चौ. सुनील जाखड़, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष
सरकार सकारात्मक बहस का पूरा स्वागत करती है। हर मुद्दे पर सधा हुआ जवाब दिया जाएगा। हमारी सरकार के लिए लोक हित सबसे ऊपर है।
डॉ. दलजीत सिंह चीमा, शिअद प्रवक्ता और प्रदेश के शिक्षा मंत्री