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एक DGP पर यूनिवर्सिटी मेहरबान, 10 साल से संघर्ष कर रही छात्रा परेशान

Sun, 24 Sep 2017 01:59 PM IST
सुशील गंभीर/अमर उजाला, चंडीगढ़
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Punjab University VC Arun Grover
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पेपर क्लीयर नहीं, फिर भी यूनिवर्सिटी ने डीजीपी को एडमिशन दे दिया। 10 साल से एक लड़की ग्रेस मार्क्स के लिए लड़ रही है, पर उसे राहत नहीं दी। ये कारनामा पंजाब यूनिवर्सिटी ने किया है। पीयू ने डीजीपी तेजिंदर सिंह लूथरा पर मेहरबानी दिखाते हुए लॉ संकाय के पांचवें सेमेस्टर में दाखिले की मंजूरी दे दी है। वह भी तब जब लूथरा ने चौथे सेमेस्टर के पेपर क्लीयर नहीं किए। शनिवार को हुई सिंडिकेट की बैठक में इसे रेयर कैटगरी में रखा गया था।
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चर्चा के बाद सिंडिकेट ने इसकी मंजूरी दे दी। डीजीपी ने चार सेमेस्टर की पढ़ाई उत्तर प्रदेश की मेरठ यूनिवर्सिटी के एक कॉलेज से की थी और आगे की पढ़ाई पीयू के इवनिंग लॉ विभाग से करने के लिए पीयू प्रबंधन से गुजारिश की थी। वहीं एक एमएससी की छात्रा गुरदीप कौर को डिग्री पास करने केलिए 13 ग्रेस मॉर्क्स चाहिए थे। डिग्री दस साल से अटकी हुई है। लेकिन उसे नंबर नहीं मिले। वह भी तब जब वीसी ने उसके केस पर अपनी प्रतिक्रिया में नंबर देने की मंजूरी दी।

दरअसल छात्रा दो पेपर पास नहीं कर पाई थी। उसने पेपर की सही जांच नहीं होने का आरोप लगाया था। पुनर्मूल्यांकन में एक बार उसके पेपर जीएनडीयू और दूसरी दफा दिल्ली यूनिवर्सिटी से चेक कराए गए। वहां भी नंबरों में झोल रहा। एक जगह नंबर कम आए, दूसरी जगह ज्यादा। मामला कोर्ट तक गया और कोर्ट ने कहा कि पीयू में गुहार लगाएं, वहीं कुछ हो सकता है। मामला पीयू वापस आया और वीसी ने 13 नंबर देने की मंजूरी दे दी, लेकिन सिंडिकेट में पास नहीं किया गया।
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सेंट्रल के बाद नेशनल इंपोरटेंस भी ठंडे बस्ते में

Punjab University VC Arun Grover
पीयू को पहले सेंट्रल यूनिवर्सिटी बनाने के लिए कमेटी बनी, केस तैयार हुआ, लेकिन सभी मापदंड पूरे नहीं हो सके। फिर मामला चला यूनिवर्सिटी ऑफ नेशनल इंपोरटेंस बनाने का। पिछले सप्ताह सीनेट से मामला वापस सिंडिकेट भेजा गया, लेकिन शनिवार को हुई सिनेट बैठक में इसे फिलहाल ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है।

डमी कॉलेज की जांच विजिलेंस को
मुक्तसर में सामने आए डमी कॉलेज सीजीएम की जांच विजिलेंस को सौंप दी गई है। जिसमें कहा गया है कि यह जांचकर बताया जाए कि बगैर मूलभूत सुविधाओं और अन्य गड़बड़ियों की मान्यता देने वाली कमेटी कैसे इस कॉलेज को साल दर साल मंजूरी देती रही।

पीएचडी के नंबर कम करने पर टंडन ने की शिकायत
पीयू में पीएचडी में दाखिले केलिए एंट्रेंस टेस्ट में एससी, एसटी छात्र के लिए नंबर 40 प्रतिशत कर दिए गए हैं। इस पर चंडीगढ़ भाजपा अध्यक्ष संजय टंडन ने पीयू के चांसलर व उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू से मिलकर शिकायत की है और जांच कराने की मांग की है। टंडन ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया कि पंजाब के मंत्री चरणजीत सिंह चन्नी को फायदा पहुंचाने के लिए ऐसा किया गया। क्योंकि वह पीएचडी की प्रवेश परीक्षा में फेल हो गए थे।
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