दस करोड़ रुपये का भुगतान पंजाब सरकार नहीं कर पाई। इसके चलते पीयू एक और कदम उठाने की योजना बना रहा है। सूत्रों का कहना है कि पंजाब के एससी-एसटी विद्यार्थियों से दाखिले के समय शुल्क लिया जाएगा। हालांकि अभी इसकी घोषणा नहीं हुई है। अगर ऐसा हुआ तो हजारों विद्यार्थियों को समस्या का सामना करना पड़ेगा।
केंद्र दे चुका पंजाब को रकम
पिछले साल पीयू के एक कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री विजय सांपला आए थे। उन्होंने मीडिया के सवालों के जवाब में कहा था कि उन्होंने पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप पंजाब सरकार के खाते में भेज दी है। अब पंजाब सरकार का दायित्व है कि विद्यार्थियों को उससे लाभान्वित करे। ऐसे में सवाल उठता है कि जब केंद्र सरकार रकम दे चुकी है तो फिर पंजाब सरकार इन विद्यार्थियों के लिए आगे के रास्ते क्यों बंद करना चाहती है? उधर, पंजाब सरकार की ओर से भी समय-समय पर यह बात कही गई कि उन्हें केंद्र सरकार से पैसे नहीं मिले हैं।
पंजाब सरकार से नहीं मिली रकम
पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप की रकम पीयू को पंजाब सरकार से नहीं मिली है। पंजाब सरकार के साथ करार हो रखा है कि यदि विद्यार्थियों की फीस का भुगतान नहीं किया गया तो पीयू छात्रों को डिग्रियां नहीं देगा। कुछ छात्रों के पैसे मिले तो उनकी डिग्रियां दे दी गई हैं। बाकी की रोकी गई हैं।
- प्रो. करमजीत सिंह, रजिस्ट्रार पीयू