देश की नंबर वन पंजाब यूनिवर्सिटी (पीयू) में स्टूडेंट के डॉक्यूमेंट का गलत इस्तेमाल करने का मामला सामने आया है। डॉक्यूमेंट से एक महिला क्लर्क ने फर्जी मोबाइल कनेक्शन ले लिया। मामला तब सामने आया जब कनेक्शन का बिल छात्रा के घर पहुंच गया।
मामले की पोल खुलने के बाद आरोपी और परिवार वाले मामले को दबाने के लिए स्टूडेंट के घर चक्कर लगा रहें हैं। घटना के बाद पीयू में स्टूडेंट्स के डॉक्यूमेंट्स की सुरक्षा पर सवालिया निशान लग गया है। पीयू के आला अधिकारियों को अभी मामले की भनक नहीं लगी है।
जानकारी के अनुसार पीयू स्थित यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग (यूसोल) से एमए अंग्रेजी कर रही एक छात्रा के घर पर कुछ दिन पहले एक प्राइवेट मोबाइल कंपनी ने पोस्टपेड मोबाइल कनेक्शन का बिल भेज दिया। छात्रा ने कभी ऐसा कोई कनेक्शन ही नहीं लिया।
बिल देखकर परिजनों के होश उड़े
पोस्टपेड कनेक्शन का बिल देखकर परिजनों के होश उड़ गए। छात्रा के भाई संदीप ने मोबाइल कंपनी से संपर्क किया। मामला उस समय और भी उलझ गया जब कनेक्शन देने वाले डीलर के पास कनेक्शन के लिए जमा किए गए डॉक्यूमेंट छात्रा के निकले।
छात्रा के भाई ने बताया कि कनेक्शन लेने के लिए बहन के वोटर कार्ड को इस्तेमाल किया गया। जिसे फीस जमा करते के समय आईडी प्रूफ के तौर पर जमा कराया था। हद तो तब हो गई फॉर्म पर नाम किसी और का ओर फोटो किसी दूसरी लड़की की लगी मिली।
मामले को रफा-दफा करने का प्रयास
छात्रा के भाई ने बताया कि जांच से पता चला कि उसकी बहन के डॉक्यूमेंट का इस्तेमाल कर पोस्टपेड मोबाइल कनेक्शन लेने वाली यूसोल विभाग की ही एक महिला क्लर्क है। जो कुछ सालों से कॉन्ट्रैक्ट पर नियुक्त है।
संदीप ने बताया कि महिला कर्मचारी और उसके रिश्तेदार दो-तीन बार उनके घर पर मामले को रफादफा करने के लिए दबाव बनाने आ चुके हैं। संदीप ने कहा कि उन्हें शक है कि पीयू में स्टूडेंट के डॉक्यूमेंट्स का प्रयोग कर कई और मोबाइल कनेक्शन इशू कराए गए हैं।
पुलिस को देंगे लिखित शिकायत
छात्रा के भाई ने कहा कि पीयू में स्टूडेंट्स के डॉक्यूमेंट्स का गलत इस्तेमाल हो रहा है। उन्होंने बताया कि यूसोल की महिला कर्मचारी के खिलाफ वीरवार को चंडीगढ़ पुलिस में लिखित शिकायत दी जाएगी। वीरवार को भी छात्रा का भाई एसएसपी दफ्तर में अधिकारियों से मिलने गया था। मामले में कई और राज खुलने की उम्मीद है।
कोट्स
मेरे पास अभी तक स्टूडेंट के डॉक्यूमेंट से किसी कर्मचारी द्वारा मोबाइल कनेक्शन इशू कराने की कोई शिकायत नहीं आई है। अगर ऐसा हुआ है, तो पीयू मामले की जांच कराएगी और कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई होगी।
प्रो. आरके गुप्ता, चेयरपर्सन यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग (यूसोल)।