हरियाणा में जाट आरक्षण मुद्दे की चिंगारी पंजाब यूनिवर्सिटी कैंपस तक पहुंच गई है। पीयू कैंपस में सभी छात्र संगठनों से जु़ड़े जाट छात्र नेता एकजुट हो गए हैं। दो दिन से पीयू कैंपस में जाट आरक्षण की मांग का समर्थन कर रहे छात्र नेताओं ने शनिवार को फिर से विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
शनिवार दोपहर पीयू स्टूडेंट सेंटर पर 100 से अधिक जाट छात्र नेता और उनके समर्थक पहुंचे। हरियाणा में तोड़ फोड़ और आगजनी की घटना को देखते हुए पुलिस ने पहले से ही कैंपस में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया। जाट छात्र नेता विनीत जाखड़ और अमित सिंहमार की अगुवाई में स्टूडेंट सेंटर से जाट छात्रों के दल ने रैली निकालनी शुरू की।
पीयू के गेट नंबर 1 के बाद पुलिस ने रैली को आगे जाने से रोक दिया। छात्र नेता रैली हरियाणा सीएम हाउस तक ले जाने की तैयारी कर आए थे। छात्र नेताओं और पुलिस के बीच काफी देर तक तनातनी का दौर चला। पुलिस ने रैली खत्म करना या सभी को गिरफ्तार करने की धमकी के बाद मामला शांत हुुआ।
सीएमओ ने बुलाया वार्ता के लिए
जाट आरक्षण की मांग को लेकर हरियाणा के विभिन्न जिलों के बाद पीयू में हालात बिगड़ते देख चीफ मिनिस्टर ऑफिस (सीएमओ) से जाट छात्र नेताओं को वार्ता के लिए बुलाया गया। बातचीत के लिए जाने वालों में विनीत जाखड़,अमित सिंहमार, कृष्ण श्यौराण,दीपक दून,मनजीत पुनिया चंडीगढ़ पुलिस का एक डीएसपी और कुछ अन्य पुलिस अधिकारी पांच छात्र नेताओं को मुख्यमंत्री आवास तक लेकर गए। छात्र नेताओं ने बताया कि मीटिंग में विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई, जिसके बाद मामले का जल्द हल निकालने का आश्वासन दिया गया।
जाट आरक्षण मुद्दे पर एकजुट हुए छात्र नेता
पंजाब यूनिवर्सिटी कैंपस छात्र राजनीति में हरियाणा के जाट छात्र नेताओं का काफी दबदबा है। पीयू के लगभग सभी छात्र संगठनों में जाट विद्यार्थियों की काफी अच्छी संख्या है। हरियाणा में आरक्षण मुद्दे को लेकर एक दूसरे के खिलाफ नारेबाजी करने वाले नेता भी एकजुट हो गए हैं। समर्थन में लड़के ही नहीं लड़कियां भी सामने आ रहे हैं। शनिवार को विरोध प्रदर्शन में कुछ लड़कियों ने भी हिस्सा लिया।
सेक्टर-17 में जाने से रोका पुलिस ने
जाट आरक्षण को लेकर शहर में किसी तरह की अशांति को देखते हुए पुलिस विभाग ने छात्र नेताओं को किसी तरह के रोष या अन्य प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी है। शनिवार शाम पीयू जाट छात्र नेताओं ने सेक्टर-17 प्लाजा में कैंडल मार्च की तैयारी की थी। लेकिन मामले को बिगड़ता देख पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को पीयू कैंपस में ही दबोच लिया। काफी देर तक पुलिस और छात्र नेताओं के बीच तनातनी भी चलती रही, लेकिन बाद में कैंडल मार्च को स्थागित कर दिया गया।