वायरल वीडियो की स्क्रीनशॉट तस्वीर।
- फोटो : @SukhpalKhaira
पंजाब के परिवहन मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में वह अपनी कार की सनरूफ से बाहर निकलकर छत पर बैठे हैं और हाथ हिला रहे हैं। हालांकि यह वीडियो कब का है, यह स्पष्ट नहीं है। गाड़ी की स्पीड अधिक है। उनके दो सुरक्षाकर्मी भी कथित तौर पर अपनी जान जोखिम में डाल खिड़की पर लटके हैं। अब इस मामले में विवाद खड़ा हो गया है।
विपक्षी शिरोमणि अकाली दल और कांग्रेस ने यातायात नियमों के उल्लंघन पर परिवहन मंत्री की अलोचना की । दोनों दलों ने मुख्यमंत्री भगवंत मान से पूछा कि उन्होंने मंत्री के खिलाफ क्या कार्रवाई की योजना बनाई है?
28 सेकेंड लंबे वीडियो में मंत्री के सुरक्षाकर्मी खिड़की से बाहर निकले दिख रहे हैं और पंजाब पुलिस की दो जिप्सी उनके वाहन को एस्कॉर्ट कर रही हैं। बैकग्राउंड में एक पंजाबी गाना बजता है। पूरे मामले में परिवहन मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर ने अपना पक्ष रखा और वीडियो को दो माह पुराना बताया।
सुखपाल खैरा बोले- क्या ऐसा व्यवहार करते हैं आम आदमी
उधर, पंजाब कांग्रेस के नेता सुखपाल सिंह खैरा ने ट्वीट किया कि परिवहन मंत्री झूठ बोल रहे हैं कि वीडियो तीन महीने पुराना है। वह आप उम्मीदवार के रूप में दो जिप्सी एस्कॉर्ट और 10 बंदूकधारी कैसे प्राप्त कर सकते हैं? एक तो चोरी ऊपर से सीना जोरी"। क्या इस तरह से अरविंद केजरीवाल और भगवंत मान का इरादा वीआईपी संस्कृति को खत्म करने का है? क्या ऐसा व्यवहार करते हैं आम आदमी? यह एमवी एक्ट की धारा 841 का घोर उल्लंघन है।
शिअद ने कहा- 'उड़ता मंत्री'
शिरोमणि अकाली दल के नेता दलजीत सिंह चीमा ने भुल्लर पर तंज कसा और उन्हें "उड़ता मंत्री" बताया। उन्होंने कहा कि परिवहन मंत्री, जो स्वयं यातायात नियमों का उल्लंघन करते दिखाई दे रहे हैं, जनता को उनका पालन करने का उपदेश कैसे दे सकते हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से पूछा कि भुल्लर के खिलाफ उन्होंने क्या कार्रवाई करने की योजना बनाई है?
कैप्टन की पार्टी ने भी निशाना साधा
पूर्व मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह की पार्टी पंजाब लोक कांग्रेस ने ट्वी किया कि परिवहन मंत्री खुले तौर पर नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं। पार्टी ने कहा कि सचमुच यह पंजाब की कानून व्यवस्था के प्रति वर्तमान सरकार के रवैये और गंभीरता का एक वसीयतनामा है। वे नागरिकों को नियमों का पालन करने के लिए कैसे कह सकते हैं, जब मंत्री खुद इनका उल्लंघन कर रहे हैं।