चंडीगढ़ में रात करीब सवा 10 बजे तूफान और बारिश से मौसम का मिजाज बदल गया। करीब 45 मिनट तक 100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलीं। तूफान की वजह से करीब 90 पेड़ों को नुकसान पहुंचा है। जगह-जगह सड़कों पर पेड़ गिरे पड़े हैं। दीवार और पेड़ गिरने से कारें भी क्षतिग्रस्त हुई हैं। मकानों की छत से पानी की टंकियां भी उड़ गई हैं। सबसे ज्यादा प्रभावित इलाके सेक्टर- 34-35 और सेक्टर- 36-37 की डिवाइडिंग रोड रही।
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चंडीगढ़ में वेंटिलेटर बंद होने से जीएमसीएच-32 में कोरोना के तीन मरीजों की मौत
चंडीगढ़ के जीएमसीएच-32 में शनिवार देर रात को आंधी की वजह से बिजली आपूर्ति ठप हो गई। इस वजह से वेंटिलेटर भी बंद हो गए। जिससे तीन गंभीर मरीजों की मौत हो गई। जानकारी के अनुसार देर रात आई आंधी-तूफान के कारण अस्पताल की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। उस दौरान 15 बेड के आईसीयू वार्ड में लगाए गए वेंटिलेटर में बैकअप की सुविधा ना होने के कारण वह भी बंद हो गए। जिसके कारण वहां भर्ती कोरोना के गंभीर मरीजों की स्थिति बिगड़ने लगी।
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पंजाब में मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के खिलाफ उठ रहे बगावती स्वर और पार्टी के घमासान को समझने के लिए गठित तीन सदस्यों की कमेटी विधायकों को दिल्ली बुलाकर बात करेगी। कमेटी बाद में मुख्यमंत्री से भी बात करेगी। कमेटी के सदस्य सोमवार से विधायकों के विचार जानेंगे। राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे, वरिष्ठ नेता जयप्रकाश अग्रवाल और राज्य के प्रभारी महासचिव हरीश रावत की तीन सदस्यों वाली कमेटी ने शनिवार को पहली बैठक कर समाधान निकालने का खाका तैयार किया।
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चंडीगढ़ के छात्रों ने बनाया विशेष उपकरण
शहर के दो छात्रों ने अपने प्रोफेसर के साथ मिलकर एक ऐसा उपकरण बनाया है, जो पीपीई किट पहनने के बाद गर्मी से राहत दिलाता है। इस डिवाइस को पीपीई किट पहनने के दौरान लगाया जाता है। यह मुख्य रूप से किट के अंदर वेंटिलेशन का काम करता है, जो डॉक्टरों को पसीने व घुटन से बचाता है। डिवाइस के अंदर स्थापित पंखा बाहर की हवा को फिल्टर करके किट के अंदर भेजता है और अंदर पाइप के माध्यम से हेलमेट से बाहर निकल जाती है। पूरी प्रक्रिया के दौरान पीपीई किट के अंदर हवा का प्रवाह बना रहता है, जिससे पीपीई किट पहनने के बाद गर्मी नहीं लगती।
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पंजाब में शनिवार को 3102 नए कोरोना संक्रमित मिले और 125 मरीजों की मौत हो गई। संक्रमण के कारण अब तक सूबे में 14305 लोग जान गंवा चुके हैं। अभी 42177 गंभीर मरीजों का इलाज चल रहा है। बीते 24 घंटे में अमृतसर में 11 और जालंधर में 4 मरीजों को आईसीयू में भर्ती किया गया है।
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