17वीं लोकसभा में पंजाब खासकर मोहाली की भूमिका अहम हो सकती है। नेता विपक्ष के लिए कांग्रेस में कई नामों पर चर्चा शुरू हुई है। इनमें श्री आनंदपुर साहिब के नवनिर्वाचित सांसद मनीष तिवारी का नाम भी शामिल है। तिवारी को नेता विपक्ष का प्रबल दावेदार माना जा रहा है। इसे मोदी लहर के बीच पंजाब में कांग्रेस के बेहतर प्रदर्शन का इनाम भी कहा जा सकता है।
हालांकि इसके लिए शशि थरूर के नाम की भी चर्चा है। 52 सीटों के साथ विपक्ष में बैठने जा रही कांग्रेस संसद में अपने नेता की तलाश में है। यूं तो सोनिया गांधी और राहुल गांधी पहली पसंद हैं, लेकिन कांग्रेस थिंक टैंक ये मान कर चल रहा है कि गांधी परिवार नेता विपक्ष के पद को स्वीकार नहीं करेगा।
16वीं लोकसभा में भी गांधी परिवार ने खुद को संसद में नेता विपक्ष की भूमिका से दूर रखा था और कर्नाटक के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे को यह जिम्मेदारी दी थी। वहीं डिप्टी लीडर की जिम्मेदारी पंजाब के हिस्से आई थी। कैप्टन अमरिंदर सिंह को पार्टी ने संसद में डिप्टी लीडर बनाया था। इस बार खड़गे गुलबर्गा से चुनाव हार गए और कैप्टन अमरिंदर सिंह राज्य के मुख्यमंत्री हैं। ऐसे में पार्टी को नए चेहरे की तलाश है।