जालंधर में दफ्तरों में काम के लिए लगी भीड़।
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पंजाब सरकार के कर्मचारियों और पेंशनरों को नए साल से पहले बड़ा तोहफा मिला है। मुख्यमंत्री ने सभी कर्मचारियों और पेंशनरों को इस वर्ष एक दिसंबर से चार प्रतिशत महंगाई भत्ता (डीए) देने को मंजूरी दे दी है। इससे महंगाई भत्ता 34 से बढ़कर 38 प्रतिशत हो गया है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सोमवार को पंजाब भवन में पंजाब स्टेट मिनिस्टीरियल सर्विसेज यूनियन (पीएसएमएसयू) के प्रतिनिधियों के साथ हुई बैठक में यह फैसला लिया।
राज्य में 3.25 लाख कर्मचारी और 3.50 लाख पेंशनभोगी हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस फैसले से लाखों कर्मचारियों और पेंशनरों को फायदा होगा। इस फैसले से राज्य के खजाने पर प्रति वर्ष 1100 करोड़ रुपये का बोझ पड़ेगा। बैठक के बाद पीएसएमएसयू के अध्यक्ष अमरीक सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार के कर्मचारियों को आश्वासन दिया है कि शेष आठ प्रतिशत डीए भी दिया जाएगा। सीएम ने कहा कि कर्मचारी प्रांतीय प्रशासन का अहम हिस्सा हैं और उनके हितों की रक्षा करना सरकार की मुख्य प्राथमिकता है।
राज्य सरकार पुरानी पेंशन स्कीम (ओपीएस) बहाल करने का मुद्दा केंद्र सरकार के समक्ष उठाएगी। इस मामले को आगे बढ़ाने के लिए भारत सरकार के वित्त सचिव के साथ बैठक की जाएगी। मान ने स्टेनो-टाइपिस्टों के लिए वरिष्ठता के आधार पर अलग-अलग विभागों में पदोन्नतियों को यकीनी बनाने के लिए समय-सारिणी (टाइम स्केल) तैयार करने का भी निर्देश दिया है।
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मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह भी यकीनी बनाने को कहा कि सभी विभागों की मिनिस्टीरियल सेवाओं में खाली पदों को पदोन्नति से भरने की प्रक्रिया दो महीने के अंदर-अंदर यकीनी बनाई जाए। उन्होंने एसीपी स्कीम बहाल करने सहित मुलाजिमों की कई लटकती मांगों के समाधान के लिए कमेटी बनाने का एलान भी किया।
डेढ़ माह से हड़ताल पर थे 52 विभागों के मुलाजिम
ओपीएस, बकाया डीए समेत विभिन्न मांगों को लेकर पंजाब के 52 सरकारी विभागों के 50 हजार से अधिक मुलाजिम, पंजाब स्टेट मिनिस्टीरियल सर्विसेज यूनियन (पीएसएमएसयू) के बैनर तले गत आठ नवंबर से कलम छोड़ हड़ताल पर थे। इस कारण सभी डीसी कार्यालयों में कामकाज ठप हो गया था।
सोमवार को मुख्यमंत्री के साथ बैठक का न्योता मिलने के बाद यूनियन ने रविवार को ही हड़ताल स्थगित करने का एलान कर दिया था और हड़ताल पर गए सभी कर्मचारी सोमवार को काम पर लौट आए थे। हालांकि, हड़ताल को जारी रखने का फैसला मुख्यमंत्री के साथ हुई बैठक के बाद लिया जाना था लेकिन मुख्यमंत्री की ओर से कर्मचारियों की मांगों के प्रति सकारात्मक रुख दिखाने, चार फीसदी डीए समेत कई अन्य मांगों को पूरा करने का भरोसा दिए जाने के बाद पीएसएमएसयू ने अपनी हड़ताल वापस ले ली है।