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बाजवा की कुर्सी बचेगी या जाएगी, संशय बरकरार

Tue, 03 Mar 2015 05:39 PM IST
अनिल भारद्वाज/अमर उजाला, चंडीगढ़
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पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीपीसीसी) अध्यक्ष प्रताप सिंह बाजवा की जगह किसी अन्य नेता को यह जिम्मेदारी सौंपे जाने संबंधी कोई फैसला सोमवार को भी नहीं हो पाया। भले ही कांग्रेस हाईकमान ने छह राज्यों के नए प्रदेशाध्यक्षों की सोमवार को घोषणा की, लेकिन पंजाब के कांग्रेसी नेता अपने यहां बदलाव की राह ताकते रह गए।
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पीपीसीसी के पूर्व कार्यकारी अध्यक्ष लाल सिंह को यह जिम्मेदारी सौंपे जाने की चर्चाएं तेज हैं, लेकिन अभी बाजवा अपने पद पर कायम हैं। लोकसभा में कांग्रेस के उपनेता कैप्टन अमरिंदर सिंह की खिलाफत का सामना बाजवा को करना पड़ रहा है और लाल सिंह को उनका समर्थन हासिल है।

सोमवार को पीपीसीसी अध्यक्ष बदले की जाने की संभावना थी, लेकिन प्रदेश कांग्रेस प्रभारी शकील अहमद के अनुसार इस बारे में अभी कोई निर्णय नहीं हुआ है।

‘अमर उजाला’ से फोन पर हुई बातचीत में शकील ने कहा कि कोई भी निर्णय उचित समय आने पर लिया जाएगा। हरियाणा में नेतृत्व परिवर्तन के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि ऐसी कोई बात ही नहीं है। हरियाणा में तो अध्यक्ष बदले जाने की कोई चर्चा तक पार्टी स्तर पर नहीं हुई है।
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राहुल की वापसी पर ही फैसला होने की संभावना

संभावना व्यक्त की जा रही है कि पीपीसीसी से संबंधित बदलाव का कोई भी निर्णय पार्टी उपाध्यक्ष राहुल गांधी की दिल्ली वापसी के बाद ही लिया जाएगा। माना जा रहा है कि पार्टी हाईकमान ने बाजवा को पद से हटाने का मन बना लिया है और लाल सिंह को प्रधानगी सौंपा जाना लगभग तय है।

पार्टी सूत्रों के मुताबिक हाईकमान ने गत शुक्रवार को लाल सिंह को दिल्ली बुलाया था। उनसे पूछा गया कि क्या वह प्रधानगी की जिम्मेदारी संभाल सकते हैं और सभी गुटों को साथ लेकर चल सकेंगे? इस पर लाल सिंह ने हामी भर दी। इसके बाद मामले की फाइल सोनिया गांधी के पास भेज दी गई है।

पंजाब में आप संगठन केजरीवाल के साथ: छोटेपुर
आप की पंजाब इकाई के संयोजक सुच्चा सिंह छोटेपुर ने कहा है कि प्रदेश संगठन पूरी तरह से अरविंद केजरीवाल के साथ है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर नेताओं के बीच जो कुछ आपसी खींचतान चल रही है, उसका हल निकल आएगा। सभी राष्ट्रीय नेता समझदार हैं और आपसी बातचीत से मसला हल हो जाएगा।
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