खट्टर सरकार काम न करने का बहाना ढूंढ रही है। इसलिए प्रदेश की आर्थिक स्थिति पर श्वेत पत्र लाने की बात करके आम लोगों को बरगलाने का प्रयास किया जा रहा है। यह कहना है पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा का। वे सोमवार को यहां जिला बार हॉल में ई लाइब्रेरी का उद्घाटन करने के बाद पत्रकारों से बातचीत कर रही थे।
हुड्डा ने कहा कि वे पहले भी कह चुके हैं कि जब उन्होंने सत्ता छोड़ी थी, तब प्रदेश की आर्थिक स्थिति काफी मजबूत थी। प्रति व्यक्ति आय और प्रति व्यक्ति निवेश में प्रदेश अव्वल था। खुद सीएम खट्टर गुजरात में यह बात अपने मुंह से कह चुके हैं।
पूर्व सीएम ने आरोप लगाया कि दरअसल हरियाणा सरकार काम न करने का अब बहाना ढूंढ रही है। सरकार की नीयत ठीक नहीं है। अगर प्रदेश का बजट जन हितैषी हुआ तो समर्थन करेंगे, नहीं तो विरोध करेंगे। आम बजट पर कहा कि मोदी सरकार देश को समाजवाद से पूंजीवाद की ओर ले जा रही है।
खट्टर सरकार बताए, कहां गई बिजली
हुड्डा ने कहा कि प्रदेश में 10 हजार मेगावाट बिजली की आवश्यकता है। जिस समय कांग्रेस ने सत्ता छोड़ी, उस समय प्रदेश में इतनी बिजली का उत्पादन होता था। आज भी वही पावर प्लांट हैं।
हर गांव व शहर से शिकायत आ रही है कि बिजली नहीं मिल रही। खट्टर सरकार बताए कि बिजली कहां गई। हालात नहीं सुधरे तो वे जनता के साथ कंधे से कंधा मिलाकर प्रदर्शन करेंगे।
15 हजार प्रति एकड़ मिले मुआवजा
हुड्डा ने कहा कि कांग्रेस सरकार किसानों को क्षतिग्रस्त फसल का 10 हजार प्रति एकड़ मुआवजा देती थी। खट्टर सरकार के कार्यकाल में पहले धान, कपास, पापुलर के भाव पिटे और थानों में खाद बंटी। अब गेहूं की फसल बारिश व तेज हवा में बर्बाद हो गई है। ऐसे में सरकार को कम से कम 15 हजार रुपये प्रति एकड़ मुआवजा देना चाहिए।
इस मौके पर विधायक आनंद सिंह दांगी, पूर्व विधायक बी. बी. बतरा, कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता कृष्णमूर्ति हुड्डा, बार प्रधान लोकेंद्र फौगाट, सचिव संजीव बतरा व दूसरे कांग्रेसी नेता भी मौजूद रहे।