पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड (पीएसईबी) की ओर से घोषित 10वीं कक्षा के परीक्षा परिणाम में बेटियों ने बाजी मारी है। पास प्रतिशत से लेकर पहले तीन स्थानों पर बेटियों ने ही कब्जा जमाया। परीक्षा परिणाम 97.94 फीसदी रहा है। तीनों टॉपर्स को उम्र के हिसाब से स्थान दिया गया है। सरकारी हाईस्कूल सतीएवाला फिरोजपुर की नैंसी रानी और गुरु तेगबहादुर पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल कांझला संगरूर की दिलप्रीत कौर ने 650 में 644 अंक हासिल कर राज्य में पहला और दूसरा स्थान हासिल किया है।
2475 की री-अपीयर आई है, वहीं 317 का परिणाम खामियों के चलते रोक दिया गया है। कोरोना की वजह से दो चरणों में परीक्षा आयोजित की गई थी। बोर्ड बेहतरीन नतीजे आने के पीछे भी यह वजह बता रहा है। 20 नंबर सीसीई के रखे गए थे। पहली बार परीक्षा में 12 किन्नर विद्यार्थी अपीयर हुए थे और इनमें से 11 ने परीक्षा पास की है।
परीक्षा परिणाम में एसोसिएट स्कूलों ने मारी बाजी
राज्य के स्कूल वाइस परीक्षा परिणाम में एसोसिएट स्कूलों का प्रदर्शन शानदार रहा है। एसोसिएट स्कूलों के 20217 विद्यार्थी परीक्षा में अपीयर हुए थे और इनमें से 19990 ने परीक्षा पास की है। परिणाम 99.88 फीसदी रहा है। दूसरे नंबर एफिलिएटेड स्कूलों के विद्यार्थी रहे। इनका परीक्षा परिणाम 99.34 फीसदी रहा है।
परीक्षा में 59946 विद्यार्थी अपीयर हुए थे और इनमें से 89552 ने परीक्षा पास की है। सरकारी स्कूलों का परिणाम 99.11 फीसदी रहा है। 211502 विद्यार्थी परीक्षा में अपीयर हुए थे, 209625 ने परीक्षा पास की है। इसी तरह एडेड स्कूलों का परिणाम 97.89 रहा है। परीक्षा में 19880 विद्यार्थी अपीयर हुए थे और इनमें से 19460 ने परीक्षा पास की है।
उम्र के हिसाब से रिजल्ट घोषित करने पर दिया यह तर्क
परीक्षा परिणाम घोषित होने के बाद चेयरमैन प्रो. योगराज से सवाल पूछा गया कि एक समान अंक वाले विद्यार्थियों को उम्र के हिसाब से क्यों प्रथम और द्वितीय रखा जाता है, जबकि बोर्ड की ओर से टॉपर्स को सम्मानित करने के दौरान एक समान अंक वाले विद्यार्थियों को एक समान राशि दी जाती है। इस पर चेयरमैन ने कहा कि उन्होंने बोर्ड के एक्ट के मुताबिक परीक्षा परिणाम घोषित किया है। हालांकि आने वाले समय में इस बातों पर विचार किया जाएगा।