पंजाब में बसों में सफर करना जल्द ही और महंगा हो सकता है। पेप्सू रोड ट्रांसपोर्ट कारपोरेशन (पीआरटीसी) ने प्रपोजल तैयार किया है, जिसमें राज्य सरकार से बसों का किराया तीन पैसे प्रति किलोमीटर बढ़ाने की मांग की जाएगी। यह प्रपोजल जल्द सरकार को भेजा जाएगा और कैबिनेट बैठक में इसे हरी झंडी मिल सकती है।
डीजल के दाम दिन-प्रतिदिन बढ़ते जा रहे हैं। पहले से ही वित्तीय तंगी से जूझ रही कारपोरेशन पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ने से इसके लिए जरूरी खर्च पूरे करना मुश्किल हो रहा है। आंकड़ों के मुताबिक डीजल के दाम बढ़ने से कारपोरेशन पर रोजाना तीन लाख रुपये और एक महीने में करीब एक करोड़ का अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ गया है।
उधर कारपोरेशन की आमदनी पहले की तरह 65 से 70 लाख रुपये रोजाना की है। खराब आर्थिक हालत के कारण कारपोरेशन अपने पेंशनरों को पेंशन व रेगुलर मुलाजिमों को सैलरियां देने में असमर्थ है। इससे मुलाजिमों व पेंशनरों में दिन-ब-दिन मैनेजमेंट के प्रति गुस्सा बढ़ता जा रहा है।
इन सब दिक्कतों के मद्देनजर पीआरटीसी ने बसों के किराये में बढ़ोतरी की योजना बनाई है। इसके लिए कारपोरेशन ने प्रपोजल तैयार किया है। इसमें बसों के किराये में प्रति किलोमीटर तीन पैसे बढ़ोतरी की डिमांड करके इसे सरकार के पास भेजा जाएगा।
इस समय कारपोरेशन की बसों का किराया प्रति किलोमीटर 90 पैसे है। बढ़ोतरी के बाद किराया 93 पैसे प्रति किलोमीटर हो जाएगा। इससे बसों में सफर करने वाली सवारियों की जेबों पर ओर बोझ बढ़ जाएगा।
अप्रैल में ही तीन पैसे प्रति किलोमीटर बढ़ा था किराया
खास बात यह है कि अभी अप्रैल में ही पंजाब सरकार ने बसों के किराये में तीन पैसे प्रति किलोमीटर की बढ़ोतरी करके इसे 87 से 90 पैसे प्रति किलोमीटर किया था। अब फिर से बसों के किराये में बढ़ोतरी से लोगों में रोष बढ़ सकता है।
किराया बढ़ोतरी का प्रपोजल दो-तीन दिन में सरकार को भेज दिया जाएगा। डीजल के दाम बढ़ने से कारपोरेशन पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ा है।
- मोहन लाल, चीफ अकाउंट्स आफिसर, पीआरटीसी