पंजाब के लोगों के लिए राहत भरी खबर है। पंजाब में सरकारी बस चालकों ने चक्का जाम स्थगित कर दिया है। तीन दिन तक प्रस्तावित रोडवेज बसों का चक्का जाम अब नहीं होगा। सरकारी बसें पहले की तरह ही सड़कों पर दौड़ेंगी। पंजाब रोडवेज और पनबस ठेका कर्मचारी यूनियन ने अपनी तीन दिवसीय हड़ताल और चक्का जाम को वापस ले लिया है।
दरअसल, ठेके पर काम करने वाले कर्मचारियों ने यह फैसला मुख्यमंत्री से पैनल मीटिंग का आश्वासन मिलने के बाद वापस लिया है। कर्मचारी यूनियन के नेताओं का कहना है कि हड़ताल वापसी की सूचना सभी को दे दी गई है। दरअसल, कर्मचारियों की मांग है कि ट्रांसपोर्ट से ठेकेदारी प्रथा खत्म की जाए। सरकार जीएसटी के बचने वाले 20 से 25 करोड़ कर्मचारियों के कल्याण पर खर्च किए जाएं। इसके अलावा कच्चे कर्मचारियों को पक्का करके उनकी सैलरी में पांच प्रतिशत का इजाफा किया जाए।
किलोमीटर स्कीम योजना को खत्म कर बसें रोडवेज के बेड़े में शामिल की जाएं। इसके चलते रोडवेज-पनबस मुलाजिम यूनियन ने फैसला लिया था कि वह 14 से चक्का जाम शुरू करेंगे। इसके बाद 15 अगस्त को मुख्यमंत्री के राज्य स्तरीय कार्यक्रम के दौरान पटियाला में घेराव भी करेंगे। अब जब यूनियन को पैनल मीटिंग का भरोसा मिला है तो यूनियन ने घेराव करने का इरादा भी छोड़ दिया है। यूनियन ने अपने तीन दिनों के विरोध के सारे कार्यक्रम फिलहाल रद्द कर दिए हैं और सरकारी बसें पहले की तरह ही चलाने का एलान किया है।