किसानों को पराली जलाने से रोकने के लिए पंजाब सरकार ने कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। राज्य की विभिन्न पंचायतों को पराली नहीं जलाने को लेकर प्रस्ताव पास करने के लिए अधिकृत किया है। इसके बाद अब तक राज्य की 9,217 पंचायतें पराली जलाने के खिलाफ प्रस्ताव पास कर चुकी हैं। हालांकि पिछले साल के मुकाबले पराली जलाने की घटनाएं इस साल काफी बढ़ चुकी हैं।
मशीनों पर 80 प्रतिशत तक सब्सिडी
पराली प्रबंधन के लिए इस साल पंजाब सरकार की तरफ से फसल अवशेष प्रबंधन वाली 23500 मशीनों की खरीद पर 50 से 80 प्रतिशत तक सब्सिडी दी जा रही है। इसके अलावा कंबाइनों पर यह सिस्टम लगवाने पर 50 फीसदी सब्सिडी दी जा रही है। सुपर एसएमएस की व्यवस्था की गई है। यदि कोई भी कंबाइन स्वामी बिना एसएमएस के मशीन संचालित करता है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई का प्रावधान किया गया है।
पराली जलाने के मामलों में दिल्ली व अन्य राज्यों द्वारा पंजाब को बदनाम किया जा रहा है, जबकि दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण के लिए स्वयं दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा जिम्मेदार हैं। यहां तक कि पाकिस्तान के सीमावर्ती क्षेत्रों में जलाई जाने वाली पराली का धुआं भी दिल्ली में पहुंच रहा है। - करुणेश गर्ग, सदस्य सचिव, पीपीसीबी।