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Punjab: हादसों में घायलों को अस्पताल ले जाने वाले ‘फरिश्तों’ की होगी पुलिस वेरिफिकेशन, डाटा किया जाएगा तैयार

Wed, 17 Jul 2024 01:27 PM IST
निवेदिता वर्मा विशाल पाठक, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

फरिश्ते योजना की शुरुआत जनवरी 2024 में हुई थी। इस योजना के तहत घायलों को सरकारी अस्पताल में मुफ्त इलाज मुहैया कराने के साथ जो उन्हें समय पर अस्पताल लेकर पहुंचेंगे, उन्हें इनाम या आर्थिक मदद के तौर पर दो हजार रुपये दिए जाने थे। इस योजना के अंतर्गत अभी तक किसी को इनाम की राशि नहीं मिल पाई है।
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भगवंत मान - फोटो : X @BhagwantMann
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विस्तार
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पंजाब में अब ‘फरिश्तों’ की पुलिस वेरिफिकेशन की जाएगी। सड़क हादसों में घायलों को समय पर इलाज मुहैया कराने के लिए अस्पताल लेकर पहुंचने या भर्ती कराने वाले ऐसे फरिश्तों का पंजाब पुलिस डाटा तैयार करेगी।
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पंजाब के ट्रैफिक एंड रोड सेफ्टी विंग के एडीजीपी एएस राय ने बताया कि इसको लेकर प्रदेश के सभी पुलिस कमिश्नरेट और एसएसपी कार्यालय को आदेश जारी कर दिए हैं। पंजाब सरकार की फरिश्ते योजना जबसे शुरू हुई है, तबसे समय पर घायलों को अस्पताल पहुंचाने वाले लोगों का डाटा तैयार किया जाएगा। डाटा तैयार करते समय लोगों की पुलिस अपने स्तर पर वेरिफिकेशन करेगी, ताकि योजना के अंतर्गत किसी प्रकार से फंड का दुरुपयोग न हो।

बता दें फरिश्ते योजना की शुरुआत जनवरी 2024 में हुई थी। इस योजना के तहत घायलों को सरकारी अस्पताल में मुफ्त इलाज मुहैया कराने के साथ जो उन्हें समय पर अस्पताल लेकर पहुंचेंगे, उन्हें इनाम या आर्थिक मदद के तौर पर दो हजार रुपये दिए जाने थे। इस योजना के अंतर्गत अभी तक किसी को इनाम की राशि नहीं मिल पाई है। सड़क दुर्घटना में घायलों को समय पर इलाज मुहैया कराने के लिए पंजाब में 384 अस्पतालों को योजना के साथ रजिस्टर्ड किया गया था। इनमें 146 सरकारी व 238 निजी अस्पताल शामिल हैं।

अस्पताल और पुलिस का डाटा होगा मैच

एडीजीपी एएस राय ने बताया कि फरिश्ते योजना के तहत लाभार्थियों को आर्थिक सहायता देने से पहले पुलिस अपने स्तर पर जो वेरिफिकेशन करेगी, उसमें अस्पताल के मरीजों के डाटा में हुई एंट्री रिकॉर्ड और पुलिस के पर्चेनामा में सड़क हादसे में घायलों को अस्पताल लेकर पहुंचने वाले के नाम खंगाले जाएंगे। इसको लेकर जिले के हर ट्रैफिक विंग को डाटा तैयार करने के लिए कहा गया है, पुलिस को यह रिकॉर्ड अगस्त तक देने के लिए कहा गया है। एडीजीपी ने बताया कि इस डाटा को तैयार करने का मकसद है कि फरिश्ते योजना के तहत गलत व्यक्ति को आर्थिक मदद न पहुंचे। जिसने सड़क हादसे में घायलों की जान बचाने में मदद की है, सरकार की ओर से उसे एक प्रकार से यह इनाम मिले।

सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर किए जाएंगे दो हजार रुपये

एडीजीपी ने कहा कि पुलिस वेरिफिकेशन कराने का मुख्य उद्देश्य यह भी है कि जिन लोगों को फरिश्ते योजना के अंतर्गत दो हजार रुपये आर्थिक मदद दी जानी है, उनसे संपर्क कर वेरिफिकेशन करते हुए उनके बैंक खाते संख्या को दर्ज किया जा सके। सरकार ने फरिश्ते योजना के अंतर्गत करीब 20 करोड़ रुपये आरक्षित रखा है। फरिश्तों को इनाम की राशि सीधा उनके बैंक खाते में ट्रांसफर की जाएगी। इसका बड़ा कारण यह है कि योजना के अंतर्गत रखे गए फंड का दुरुपयोग न हो और जिन लोगों को इनाम या आर्थिक मदद के रूप में दो हजार रुपये इस योजना के अंतर्गत जारी किए जा रहे हैं, उनका रिकॉर्ड रखा जा सके।
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