पंजाब में बढ़ते हुए क्राइम के ग्राफ को कम करने के लिए अब पंजाब पुलिस अंग्रेजों की राह पर चल रही है। इसके लिए पायलट प्रोजेक्ट शुरू हो गया है। पुलिस अंग्रेजों के जमाने की तकनीक फुट पेट्रोलिंग का सहारा लेगी। इसके तहत सुबह और शाम पुलिस की टीम संवेदनशील स्थानों पर पेट्रोलिंग करेगी। साथ ही आम लोगों से अपना संपर्क बढ़ाएगी। सोमवार को फेज-10 स्थित पंजाब क्रिकेट एसोसिएशन के कांफ्रेंस हाल में डीआईजी रूपनगर रेंज बीएल मीना व एसएसपी कुलदीप सिंह चहल ने दी।
इसके साथ ही उन्होंने फुट पेट्रोलिंग की टीम को हरी झंडी देकर रवाना किया। इस मौके पर अधिकारियों ने बताया कि यह फुट पेट्रोलिंग पंजाब के छह जिलों में एक साथ पायलेट प्रोजेक्ट के तहत शुरू की गई। यह काफी अहम मानी जा रही है। क्योंकि पहले बीट पेट्रोलिंग या अन्य माध्यम पुलिस आम लोगों से जुड़ने के लिए करती थी। वह काफी हद तक अब खत्म हो गए। ऐसे में फुट पेट्रोलिंग इसमें नई जान डालेगी। फुट पेट्रोलिंग से एक तो पुलिस सभी इलाकों में अपनी पकड़ मजबूत कर पाएगी। उनका संपर्क आम लोगों से बढ़ेगा। वहीं, इससे अपराधों के ग्राफ में भी कमी आएगी। यह संवेदनशील व सेमी एरिया समेत भी इलाकों में चलाई जाएगी।
गैंगस्टरों के अंदर पैदा होगा डर
डीआईजी रूपनगर रेंज बीएल मीना ने बताया कि पहले पुलिस द्वारा संवेदशील स्थानों या मार्केटों के पास नाका लगा दिया जाता था। साथ ही वाहन से हुड़दंग करने वालों को तो काबू कर लेते थे। लेकिन काफी अपराधी बच निकलते थे। फुट पेट्रोलिंग से हर एरिया में आसानी से पुलिस पहुंचेगी। उससे इलाके के लोगों को फायदा मिलेगा।
मोहाली में पांच टीमें गठित
एसएसपी कुलदीप सिंह चहल ने बताया कि मोहाली एरिया में फुट पेट्रोलिंग के लिए पांच टीमें गठित की गई है। इनमें कुल 25 लोग शामिल हैं। मुलाजिमों की कमी के चलते जो स्टाफ पुलिस के पास है, उसी को इसमें लगाया गया है। बाद में टीमों की संख्या बढ़ा दी जाएगी।
ऐसे करेगी पुलिस फुट पेट्रोलिंग
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक फुट पेट्रोलिंग दिन में दो समय की जाएगी। इसमेें सुबह का समय नौ से ग्यारह और शाम को छह से आठ बजे तक का समय तय किया गया है। इसके अलावा स्कूल और कॉलेजों की छुट्टी के समय समेत अन्य जिलों को भी इसमें शामिल किया जाएगा।
यह फायदा होगा पुलिस को
फुट पेट्रोलिंग से पुलिस को सीधे छह फायदे मिलने वाले हैं। जिनमें से एक है कि जब पुलिस इलाके में पेट्रोलिंग करेगी तो पूरा इलाके की पहचान होगी। ऐसे में क्राइम होने पर तुरंत मौके पर पहुंचेगी। अपराधियों के मनों में डर पैदा होगा। अपराध का ग्राफ गिरेगा। इसके अलावा ड्रग तस्करी व स्नैचिंग की वारदातों पर भी रोक लगेगी। इसके अलावा पुलिस के लिंक बढ़ जाएंगे। साथ ही जो अकेले सीनियर सिटीजन और लोग रहते है। उनको भी इससे फायदा मिलेगा।