पंजाब पुलिस की विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने बरगाड़ी बेअदबी मामले से जुड़े पावन स्वरूप चोरी करने के मामले में डेरा सच्चा सौदा सिरसा प्रमुख गुरमीत राम रहीम समेत 10 के खिलाफ फरीदकोट की अदालत में पूरक चालान दाखिल कर दिया है। इस केस में एसआईटी ने जुलाई 2020 में डेरा के सात अनुयायियों को गिरफ्तार किया था और पूछताछ के बाद पुलिस ने इन सभी आरोपियों के अलावा डेरे की राष्ट्रीय कमेटी के तीन सदस्यों व डेरा प्रमुख राम रहीम को नामजद किया था और सभी 11 आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया था।
जांच को लेकर सीबीआई से विवाद के चलते मामले में पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने पुलिस को सीबीआई से दस्तावेज लेकर केस में पूरक चालान दाखिल करने का निर्देश दिया था। जिसके बाद पुलिस की एसआईटी ने डेरा प्रमुख राम रहीम से दो बार रोहतक की सुनारिया जेल में पूछताछ की। इसके बाद गुरुवार को डेरा प्रमुख राम रहीम समेत सभी आरोपियों के खिलाफ पूरक चालान दाखिल कर दिया है। इस मामले में अगली सुनवाई सात फरवरी को होगी।
यह है मामला
वर्ष 2015 में पंजाब के बरगाड़ी से करीब पांच किमी दूर गांव बुर्ज जवाहर सिंह वाला में स्थित गुरुद्वारा साहिब से श्री गुरुग्रंथ साहिब जी के पवित्र स्वरूप चोरी हो गए थे। 25 सितंबर 2015 को बरगाड़ी के गुरुद्वारा साहिब के पास हाथ से लिखे दो पोस्टर लगे मिले थे। ये पंजाबी भाषा में लिखे थे। आरोप है कि पोस्टर में अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया गया था।
मामले को लेकर जांच कर रही पंजाब पुलिस की एसआईटी ने अदालत में चार्जशीट दाखिल की थी। 25 अक्तूबर को एसआईटी की याचिका पर फरीदकोट की अदालत से राम रहीम के खिलाफ 29 अक्तूबर को प्रोडक्शन वारंट जारी हुआ था। इसके खिलाफ राम रहीम ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। हाईकोर्ट ने एसआईटी को सुनारिया जेल में ही राम रहीम से पूछताछ की अनुमति दी थी। नौ नवंबर को टीम ने राम रहीम से जेल में पूछताछ की थी लेकिन जांच टीम पूछताछ से संतुष्ट नहीं थी। इसके बाद राम रहीम से दोबारा पूछताछ की गई।