खालिस्तान समर्थक अमृतपाल सिंह के समर्थकों द्वारा अजनाला थाने पर हमले की घटना ने एक बार फिर पंजाब की कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अमृतपाल ने चेतावनी दी थी कि अगर उसके साथी को रिहा कर एफआईआर रद्द नहीं की गई तो वह अपने समर्थकों के साथ अजनाला थाने का घेराव करेगा। पुलिस ने नाकाबंदी की थी लेकिन वह नाकाफी रही। इतना ही नहीं पुलिस ने अमृतपाल के साथी लवप्रीत सिंह तूफान को रिहा करने की घोषणा भी कर दी।
यह भी भरोसा दिया कि पुलिस अधिकारी तेजबीर सिंह की अगुआई में गठित टीम की जांच रिपोर्ट के आधार पर उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर भी रद्द कर दी जाएगी। पुलिस के इस कदम पर भी सवाल उठ रहे हैं। लोगों में चर्चा शुरू हो गई है कि अगर पुलिस ऐसे घुटने टेक देगी तो आम जनता इनका मुकाबला कैसे करेगी।
17 फरवरी को अमृतपाल सिंह उसके छह साथियों और 20 अज्ञात लोगों के खिलाफ थाना अजनाला में पुलिस ने वरिंदर सिंह नाम के युवक के बयान पर मामला दर्ज किया था। वरिंदर सिंह ने आरोप लगाया था कि अमृतपाल और उसके साथियों ने उसका अपहरण किया, मारपीट की और उसके ककारों की बेअदबी की। उसकी धन राशि भी लूट ली। इस मामले में पुलिस ने अमृतपाल के साथियों को पकड़ने के लिए छापमारी शुरू कर दी थी। गुरुवार को अमृतपाल ने पंजाब भर के अपने समर्थकों को थाना अजनाला पहुंचने का आह्वान किया था।
जब पुलिस ने अमृतपाल के समर्थकों को थाने की तरफ बढ़ने से रोका तो लाठियों, गंडासों, तलवारों, राइफलों व भालों से लैस होकर आए लोगों ने बैरिकेड तोड़ डाले। वह पुलिस कर्मचारियों के साथ हिंसक झड़प करते हुए थाना परसिर में घुस गए। इसी दौरान अमृतपाल के गांव जल्लू खेड़ा से श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के स्वरूप वाली गाड़ी थाने पहुंच गई। पुलिस का कहना है कि अमृतपाल पावन स्वरूप वाली गाड़ी साथ लेकर आया था। हमने श्री गुरु साहिब जी के स्वरूप की मर्यादा को मुख्य रख कोई सख्त कार्रवाई नहीं की। उल्लेखनीय है कि पटियाला हिंसा और पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला, शिवसेना नेता सुधीर सूरी व डेरा प्रेम प्रदीप सिंह की हत्या जैसी घटनाओं से पंजाब की कानून-व्यवस्था पहले ही सवालों के घेरे में है।
जालंधर: सिख तालमेल कमेटी के सदस्यों को पुलिस ने किया नजरबंद
अमृतपाल सिंह की अपील पर जालंधर से अजनाला जा रहे उनके समर्थन में आई सिख तालमेल कमेटी के सदस्यों को पुलिस ने उनके घरों में नजरबंद कर दिया। पुलिस की इस कार्रवाई पर सिख तालमेल कमेटी के तजिंदर सिंह परदेसी, हरपाल सिंह चड्ढा ने कहा कि गुरुवार को उन सभी को अजनाला पुलिस थाने का घेराव करने जाना था लेकिन पुलिस ने उन्हें नजरबंद कर दिया। सरकार उनके साथ धक्काशाही कर रही है।