डीजीपी के अनुसार जांच से पता लगा है कि लखबीर सिंह ने विदेशी तस्करों और इकाइयों के साथ एक विशाल संचार नेटवर्क स्थापित किया और वह पाकिस्तान के एक कुख्यात तस्कर चिश्ती के संपर्क में था। चिश्ती पाकिस्तान आधारित खालिस्तानी संचालकों के भी संपर्क में है। वह भारत में सीमा के रास्ते नशे की तस्करी करता रहा है। मौजूदा समय अमृतसर जेल में कैद सिमरनजीत सिंह ने लखबीर सिंह को सरहद पार नशीले पदार्थों और हथियारों की तस्करी के लिए एक ड्रोन खरीदने को कहा था। गुप्ता ने बताया कि सिमरनजीत सिंह को भी इस केस में नामजद किया जाएगा।
चार लाख में खरीदा था ड्रोन
लगभग चार महीने पहले लखबीर सिंह और उसके साथी गुरपिन्दर सिंह नई दिल्ली गए और उन्होंने टीआरडी इंटरप्राजेज जनकपुरी से चार लाख रुपए में स्काईडरोइड टी 10 2.4 जीएचजेड 10 सीएच एफएचएसएस ट्रांसमीटर और हैवी ड्यूटी क्वाडकॉप्टर खरीदा था। इस संबंध में लखबीर सिंह और बचित्तर सिंह, गुरपिंदर सिंह और अन्य के खिलाफ आर्म्स एक्ट, एनडीपीएस एक्ट और एयरक्राफट एक्ट की धाराओं में थाना घरिंडा में एफआईआर दर्ज की गई है।