पद्मश्री कंवल सिंह चौहान ने बताया कि उनके पास अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया व कनाडा के नंबरों से करीब सात कॉल आईं हैं। जिनमें से उन्होंने चार कॉल रिसीव की है। अब परेशान होकर उन्होंने विदेशी नंबरों की कॉल रिसीव करना बंद कर दिया है। कॉल में उनके बारे में अपशब्दों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
फोन करने वाले कृषि सुधार कानूनों के साथ ही भाजपा की मोदी सरकार की नीतियों और गुजरात मॉडल का विरोध कर रहे हैं। वह उन पर तीन नए कृषि कानूनों का विरोध करने का दबाव बना रहे हैं। पद्मश्री का कहना है कि विदेश से कॉल रात को आती हैं। जिससे उन्हें परेशानी होने लगी है। साथ ही उन्होंने शक जताया है कि इस आंदोलन के लिए विदेश से आर्थिक मदद की जा रही है। उन्होंने कॉल करने वालों की जांच करने की मांग की है। पुलिस ने उनके मोबाइल नंबरों की निगरानी शुरू कर दी है।
मुझे एक सप्ताह से लगातार विदेशी नंबरों से कॉल आ रही है। फोन करने वाले मुझको किसान आंदोलन में शामिल होने का दबाव बना रहे हैं। कॉल करने वाले चाहते हैं कि मैं मोदी सरकार और उसकी नीतियों के विरोध में किसानों को एकजुट कर विरोध के लिए तैयार करूं। मैंने इसकी शिकायत पुलिस से कर दी है।
- कंवल सिंह चौहान, पद्मश्री पुरस्कार विजेता, प्रगतिशील किसान, अटेरना।
पद्मश्री कंवल सिंह चौहान ने विदेश से कॉल आने की सूचना दी है। साथ ही उन पर दबाव बनाए जाने की बात कही है। उनका कहना है कि आंदोलन को विदेश से आर्थिक मदद मिल रही है। इसकी जांच कराई जाए। पुलिस मामले की जांच कराकर उसके अनुसार कार्रवाई करेगी। - रवि कुमार, थाना प्रभारी कुंडली।