पंजाब में किसान एक बार फिर परेशान हैं। इस बार कारण है- धान के दाम। किसानों की शिकायत है कि उन्हें धान के उचित दाम नहीं मिल रहे हैं। नमी का बहाना कर उन्हें लूटा जा रहा है। धान का समर्थन मूल्य ए ग्रेड के लिए 1510 रुपये प्रति क्विंटल और अन्य के लिए 1470 रुपये है लेकिन किसानों का कहना है कि नमी का बहाना कर उन्हें 1300 रुपये प्रति क्विंटल का दाम ही दिया जा रहा है।
पंजाब में धान की खरीद एक अक्तूबर से शुरू हुई है। इस बार उत्पादन अच्छा है और रिकॉर्ड 160 लाख टन खरीद होने की उम्मीद की जा रही है। दो सप्ताह में 30 लाख टन की खरीद हो चुकी है। जिस तरह से खरीद हो रही है, उससे अन्नदाता किसान खफा है। नमी का बहाना कर रेट में कटौती की जाती है। किसान मजबूरी में औने-पौने दाम में फसल बेच रहे हैं। पंजाब में 17 फीसदी नमी तक की फसल की खरीद के आदेश हैं, जबकि पड़ोसी राज्य हरियाणा में यह मात्रा 22 फीसदी तक निर्धारित है।
भारतीय किसान यूनियन (उगराहां) के महासचिव सुखदेव सिंह कोकरी कलां के अनुसार नमी का बहाना बना कर किसानों का शोषण किया जा रहा है। वे एमएसपी से कम मूल्य पर धान बेचने को मजबूर हो रहे हैं। कई जगह शेलर वाले धान ही वापस कर देते हैं। मंडी बोर्ड मुलाजिम, व्यापारियों और एजेंसियों का गठजोड़ है। धान की लिफ्टिंग भी नहीं हो रही है, अदायगी भी रुकी हुई है।