खुफिया एजेंसियों से मिले इनपुट के बाद से जिला पठानकोट में हाई अलर्ट कर दिया गया है। हालांकि खुफिया इनपुट की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है। चप्पे-चप्पे पर तैनात सुरक्षाकर्मियों को देखकर इस बात का अंदाजा लगाया जा सकता है कि पठानकोट में सुरक्षा चौकसी काफी बढ़ा दी गई है, जो आमतौर पर किसी खुफिया इनपुट के बाद ही देखने को मिलती है।
नए साल के करीब आते ही पिछले वर्ष की तरह सुरक्षा चौकसी बढ़ाई गई है। इसका कारण 2 फरवरी 2016 के दिन एयरफोर्स स्टेशन पर हुए आतंकी हमला भी है। इन दिनों खूब सर्दी पड़ती है। भारत-पाक बार्डर के साथ सटे क्षेत्रों में कोहरे की चादर बिछी रहती है। इसका फायदा घुसपैठ के लिए किया जाता है। इसलिए इन दिनों में सुरक्षा चौकसी बढ़ा दी जाती है। पिछले साल भी नव वर्ष के करीब आते ही खुफिया एजेंसियों ने अलर्ट जारी किया था। इस बार फिर से नववर्ष के करीब आते ही सुरक्षा चौकसी बढ़ा दी गई है।
अलर्ट को देखते हुए चप्पे-चप्पे पर पुलिस सुरक्षा लगाई गई है। शहर के एंट्रेस पर पुलिस कमांडो भी तैनात हैं। वहीं बार्डर से सटे क्षेत्रों में बीएसएफ तैनात है। बीएसएफ के अलावा पुलिस को भी अत्याधुनिक डिवाइस दिए गए है, जिससे रात के समय में भी कई किलोमीटर तक देखा जा सकता है। इस डिवाइस का नाम एचएचटीआई है। बार्डर से पठानकोट के रास्ते में सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए हैं। कई जगहों पर चेकिंग की जा रही है और नाकों पर पुलिस सतर्क है।