पेप्सू रोड ट्रांसपोर्ट कारपोरेशन (पीआरटीसी) ने भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई की है। इसके तहत पंजाब के विभिन्न डिपो के 23 कंडक्टरों व 9 ड्राइवरों को गबन व डीजल चोरी के आरोप में पकड़ा है। इन सभी के खिलाफ कड़ी विभागीय कार्रवाई की जा रही है।
दरअसल, पीआरटीसी पिछले काफी समय से आर्थिक दिक्कतों से जूझ रहा है। महिलाओं के मुफ्त बस सफर का सरकार ने भुगतान नहीं किया है। इससे कर्मचारियों को सैलरी देना भी पीआरटीसी को भारी पड़ रहा है। अब पीआरटीसी प्रशासन ने अपनी आय में वृद्धि के इरादे से बसों की जांच को पहले से मुस्तैद किया है। विभिन्न रूटों पर जाने वाली बसों की जांच अब रोजाना की जा रही है। इसी का नतीजा है कि बीते करीब एक माह में पीआरटीसी के पंजाब में विभिन्न डिपो के 23 कंडक्टर गबन के मामले में पकड़े गए हैं।
गबन की राशि 3430 रुपये है। छह कंडक्टरों के खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर दी गई है और 17 पर गबन की राशि का 100 गुना जुर्माना लगाया गया है। इन कंडक्टरों ने सवारियों से पैसे लेकर उन्हें टिकट जारी नहीं किया था। बीते दिनों केंद्रीय उड़न दस्ते ने हिमाचल प्रदेश के रानीताल में जांच के दौरान पीआरटीसी बस के कंडक्टर पर टिकट चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें कंडक्टर ने करीब 35 यात्रियों से 1888 रुपये लेने के बाद भी टिकट नहीं दिया था। इसी तरह चेकिंग के दौरान अलग-अलग डिपो के नौ ड्राइवरों को 166.5 लीटर डीजल चोरी करते पकड़ा गया। इस डीजल की कीमत 14392 रुपये है। इन ड्राइवरों के खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
पीआरटीसी के चेयरमैन रणजोध सिंह हडाना ने कहा कि गबन के मामलों में पकड़े गए कंडक्टरों और डीजल चोरी के मामलों में पकड़े गए ड्राइवरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आदेश दिया है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि किसी भी कीमत पर पीआरटीसी में भ्रष्टाचार व काम में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी अधिकारियों व कर्मचारियों से ईमानदारी से काम करने की अपील है। ताकि कर्मचारियों को समय पर वेतन, पेंशन और अन्य लाभ मिल सकेंगे। अगर फिर भी कोई कारपोरेशन को आर्थिक क्षति पहुंचाएगा तो उसे बख्शा नहीं जाएगा।