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कृषि कानून: सुखबीर सिंह बादल बोले- एक अक्तूबर का रोष मार्च केंद्र सरकार की जड़ें हिला देगा

Tue, 29 Sep 2020 07:58 PM IST
ajay kumar संवाद न्यूज एजेंसी, मोगा/संगरूर (पंजाब)
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मोगा में प्रेसवार्ता करते सुखबीर सिंह बादल। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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शिरोमणि अकाली दल अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल संगरूर स्थित गुरुद्वारा नानकियाणा साहिब में कार्यकर्ताओं के साथ बैठक करने पहुंचे। उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि कृषि कानूनों के विरोध में एक अक्तूबर को शिअद की तरफ से निकाला जा रहा रोष मार्च केंद्र सरकार की जड़ें हिला देगा। एक अक्तूबर को तख्त श्री दमदमा साहिब से हरसिमरत कौर बादल के नेतृत्व में मार्च निकाला जाएगा। श्री आनंदपुर साहिब और श्री अकाल तख्त साहिब से भी मार्च निकाला जाएगा। 

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उन्होंने कहा कि कृषि कानून का असर सिर्फ किसानी पर ही नहीं, बल्कि आढ़तियों, मजदूरों और व्यापारियों पर भी पड़ेगा। उन्होंने कहा कि एनडीए बनाने वाली भाजपा नहीं, बल्कि शिरोमणि अकाली दल है। जब एनडीए बना था तब भाजपा के पास सिर्फ दो ही सांसद थे। इस मौके पर एसजीपीसी अध्यक्ष भाई गोबिंद सिंह लौंगोवाल, जिलाध्यक्ष इकबाल सिंह झुंदां, प्रकाश चंद गर्ग, हरी सिंह नाभा, गुलजार सिंह मूनक, मोहम्मद उवैस, गगनजीत सिंह बरनाला, रविंदर सिंह चीमा, ज्ञानी नरंजन सिंह भुटाल, विनरजीत सिंह गोल्डी, राजिंदर दीपा, परमजीत कौर विर्क और तेजा सिंह कमालपुर मौजूद रहे।

सिख संगठनों ने सुखबीर बादल को काले झंडे दिखाए
गुरुद्वारा साहिब पहुंचे सुखबीर बादल को सिख संगठनों ने काले झंडे दिखाए और नारेबाजी की। हालांकि, पुलिस ने सिख संगठनों को आगे बढ़ने से रोक दिया। सिख नेताओं भाई बचित्र सिंह, भाई अमरजीत सिंह, जत्थेदार गुरनैब सिंह और भाई अवतार सिंह ने कहा कि सुखबीर सिंह बादल और एसजीपीसी प्रधान भाई गोबिंद सिंह लौंगोवाल श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी के मुद्दे पर चुप्पी साधे हुए हैं। सिख संगत इनसे जवाब मांग रही है। जब तक आरोपियों के खिलाफ मामले दर्ज नहीं होंगे, सिख संगत चुप नहीं बैठेगी।
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मोगा पहुंचे सुखबीर बादल, कार्यकर्ताओं को किया एकजुट 

शिरोमणि अकाली दल के प्रधान सुखबीर बादल का मंगलवार को मोगा पहुंचे। पार्टी प्रधान ने कार्यकर्ताओं को एक अक्तूबर के मार्च के लिए तैयार रहने को कहा। पार्टी की गुटबाजी को खत्म करने के लिए उनकी ओर से कोई विशेष प्रयास नहीं किया गया। 

कयास लगाया जा रहा था कि पार्टी प्रधान का मोगा दौरा जत्थेदार तोता सिंह और जोगिंदरपाल जैन ग्रुप को एक कर देगा लेकिन दोनों गुटों की दूरियां पार्टी प्रधान के सामने ही देखने को मिली। मोगा के मेयर रहे अक्षित जैन को पार्टी प्रधान के पास तक बैठने की अनुमति तक नहीं मिली। 

बीबी काहन कौर के गुरुद्वारा साहिब में आयोजित बैठक में मुख्यमंत्री पर चुटकी लेते हुए सुखबीर बादल ने कहा कि एक आदमी मुझे बता दे जिसने बीते चार-पांच महीने में मुख्यमंत्री को अपनी आंखों से देखा हो। एसी कमरों से किसान आंदोलन की पैरवी की बात करने वाले कैप्टन अमरिंदर सिंह यदि सचमुच किसान हितैषी हैं तो वह हमारे साथ किसान आंदोलन में शामिल होकर दिखाएं। सुखबीर ने साफ कर दिया कि अकाली दल अपने दम पर ही किसान आंदोलन को आगे बढ़ाएगा। 

तीन जगह से शुरू होगा किसान मार्च
शिअद प्रधान ने बताया कि एक अक्तूबर को चंडीगढ़ में राजभवन के सामने शिअद नेता और कार्यकर्ता प्रदर्शन करेंगे। राज्यपाल को इस कानून को रद्द करने के लिए मांग पत्र भी सौंपा जाएगा। पंजाब में तलवंडी साबो, श्री आनंदपुर साहिब और श्री अकाल तख्त साहिब से मार्च शुरू होगा। मोगा के हलका बाघापुराना और निहालसिंह वाला से शिअद कार्यकर्ता बरनाला और मोगा व धर्मकोट से शिअद कार्यकर्ता राजपुरा में किसान मार्च में शामिल होंगे। सुखबीर ने कहा कि हर हलके से शिअद कार्यकर्ता कम से कम 300 गाड़ियां लेकर चंडीगढ़ पहुंचें, ताकि कैप्टन व मोदी सरकार को हिलाया जा सके।

सांप निकलने के बाद लकीर पीटने में जुटा शिअद
मोगा के कांग्रेस विधायक डॉ. हरजोत कमल ने बयान जारी कर कहा कि इस समय अकाली दल राजनीति में अपने आप को जितना आगे लेकर जाने की कोशिश कर रहा है, सोशल मीडिया उसकी असलियत को लोगों के सामने रख उतना ही बैक फुट पर ला रहा है। अकाली दल के पास अब अपनी बात रखने का कोई कारगर तर्क तक नहीं बचा है। सांप निकलने के बाद अब अकाली दल लकीर पीट रहा है। यह विरोध शिअद को उस समय करना चाहिए था जब इस विधेयक को पेश किया गया था। 
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