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चीन से लौटी युवती को आई उल्टियां, कोरोना के संदेह से दहशत, सिविल अस्पताल में दोबारा बुला की जांच

Fri, 07 Feb 2020 08:32 PM IST
ajay kumar संवाद न्यूज एजेंसी, मुक्तसर (पंजाब)
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कोरोना वायरस - फोटो : सोशल मीडिया
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कोरोना वायरस की दहशत के चलते जिले के एक गांव का एक परिवार दो दिन तक काफी परेशान हुआ। इसके लिए जिला सिविल अस्पताल प्रशासन की लापरवाही भी नजर आई। गौरतलब है कि चीन के गंगजाउ पीचिंग में पिछले करीब पांच वर्ष से एमबीबीएस कर रही मुक्तसर की 22 वर्षीय युवती  1 फरवरी को चीन से गांव लौटी है।

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गुरुवार की शाम उसे घर में उल्टियां आने लगी। उसके चीन से लौटने व कोरोना का माहौल होने से परिजनों को सीधे कोरोना वायरस होने का संदेह हुआ। परिजनों ने तुरंत सिविल अस्पताल मुक्तसर संपर्क साधा तो वहां पर फोन से ही किसी कर्मचारी ने उन्हें स्थानीय अस्पताल में कोरोना को लेकर पूरे प्रबंध न होने की बात कहते हुए गिद्दड़बाहा के सिविल अस्पताल जाने की बात कही। कोरोना के भय से खौफजदा परिजनों ने भी युवती को गिद्दड़बाहा या किसी अन्य प्राइवेट अस्पताल की बजाए दिल्ली ले जाना उचित समझा और रातोंरात दिल्ली ले गए। 

जहां से जांच में कोरोना वायरस न होने की पुष्टी हुई। दूसरी तरफ मुक्तसर में कोरोना से संबंधित मरीज की अफवाह उड़ने से सिविल अस्पताल प्रशासन के भी हाथ-पांव फूल गए। एडीसी संजीव कुमार की हिदायत पर दिल्ली गए युवती के परिजनों को दोबारा मुक्तसर सिविल अस्पताल जांच के लिए बुलाया गया। शुक्रवार को सुबह करीब नौ बजे दिल्ली से चलकर दोबारा परिवार शाम चार बजे सिविल अस्पताल मुक्तसर पहुंचा और डॉक्टरों ने यहां भी युवती की जांच की। जिस पर उसे कोरोना न होने की बात यहां भी सामने आई। 
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उधर, सिविल सर्जन नवदीप सिंह ने कहा कि वे मामले की जांच कर रहे हैं। परिवार को मुक्तसर सिविल अस्पताल लाने का सुझाव देने की बजाए कहीं और भेजने वाले मुलाजिम पर कार्रवाई की जाएगी। 

टीम पूरी न होने के कारण गिद्दड़बाहा सिविल अस्पताल ले जाने को कहा था: संदीप कुमार
उधर, जब युवती के परिजनों की ओर से जिस मोबाइल नंबर पर सिविल अस्पताल फोन कर बात की गई तो उस नंबर पर डायल किया गया तो वो मुलाजिम संदीप कुमार का नंबर था। जब संदीप से इस संबंध में बात की गई तो उसने कहा कि उसे फोन आया था और उसने टीम की कमी के कारण युवती को गिद्दड़बाहा सिविल अस्पताल ले जाने की बात कही थी, क्योंकि वहां प्रबंध पूरे थे। 

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