पंजाब की नई सरकार के मंत्रिमंडल के संभावित चेहरे भगवंत मान अपने मन माफिक चुन सकेंगे। आम आदमी पार्टी (आप) के शीर्ष नेतृत्व ने ऐसे संकेत दिए हैं। दिल्ली से कहा गया है कि कैबिनेट चुनना मुख्यमंत्री का विशेषाधिकार होता है। मुख्यमंत्री के इस काम में पार्टी कोई दखल नहीं देगी। इधर, मान भी उन विधायकों पर भरोसा जताएंगे जिन्होंने पार्टी के मुश्किल समय में उनका साथ दिया।
मंत्रिमंडल में सबसे अहम चेहरा हरपाल सिंह चीमा का है। चीमा ने लगातार दूसरी बार जीत हासिल की है। वे चुनाव प्रचार के दौरान पोस्टरों और होर्डिंग्स में पार्टी का चेहरा होने के दौरान पंजाब विधानसभा में विपक्ष के नेता थे। मान के मुख्यमंत्री चेहरा बनने से पहले पंजाब में पार्टी के पोस्टरों पर तीन चेहरे हुआ करते थे अरविंद केजरीवाल, भगवंत मान और हरपाल सिंह चीमा। कहा जा रहा है कि उन्हें उपमुख्यमंत्री के पद से नवाजा जा सकता है।
कुलतार सिंह संधवां भी मंत्रिमंडल में संभावित अहम चेहरा हैं। उन्होंने कोटकपूरा निर्वाचन क्षेत्र से लगातार दूसरी बार जीत हासिल की है। कुलतार सिंह पंजाब में आप का बड़ा चेहरा हैं और माना जा रहा है कि उनका मंत्रिमंडल में शामिल होना लगभग तय है।
अमन अरोड़ा भी मंत्री पद की शपथ ले सकते हैं। उन्हें मान का बेहद करीबी भी माना जाता है। गुरमीत हेयर का नाम भी संभावित मंत्रियों की सूची में शामिल है। आप की युवा शाखा के अध्यक्ष गुरमीत बरनाला से लगातार दूसरी बार विधायक बने हैं।
भगवंत मान सरकार में महिलाओं का एक मजबूत प्रतिनिधित्व है। सूत्रों ने कहा कि मंत्रिमंडल के संभावित नामों में बलजिंदर कौर और जीवनजोत कौर शामिल हैं। जीवनजोत कौर ने कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू और शिअद नेता बिक्रम सिंह मजीठिया को हराया है।
अमृतसर उत्तर सीट से अकाली उम्मीदवार अनिल जोशी को हराकर पहली बार विधायक बने कुंवर विजय प्रताप सिंह को भी मान कैबिनेट में अहम पद मिल सकता है। पूर्व आईपीएस अधिकारी कुंवर विजय प्रताप सिंह पंजाब के चर्चित बरगाड़ी बेअदबी मामले के जांचकर्ता रह चुके हैं।