शिरोमणि अकाली दल ने निकाय चुनाव में वोटिंग के दौरान मतदाताओं को डराने, विपक्ष के खिलाफ हिंसा करने, बूथों कैप्चरिंग के लिए सिविल और पुलिस तंत्र का दुरुपयोग करने का आरोप लगाते हुए कांग्रेस की निंदा की है। पूर्व मंत्री व शिअद प्रवक्ता डॉ. दलजीत सिंह चीमा ने कहा कि शिअद ने पहले ही राज्य निर्वाचन आयोग को निकाय चुनाव के दौरान आगाह कर दिया था। इस चेतावनी के बावजूद स्थिति को नियंत्रित करने तथा निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए आयोग ने कोई ठोस कदम नहीं उठाए।
डॉ. चीमा ने कहा कि रविवार को चुनाव के दौरान कांग्रेस ने न केवल बूथों पर कब्जा किया बल्कि विपक्षी उम्मीदवारों तथा उनके समर्थकों पर जहां भी विपक्ष तथा आम जनता ने विरोध किया उन पर हमला किया। घटनाओं का हवाला देते हुए अकाली नेता ने कहा कि तरनतारन जिले के पट्टी में गोलियां चलाई गईं, रोपड़ तथा फतेहगढ़ चुड़ियां में अकाली दल समर्थकों को तेजधार हथियारों से घायल कर दिया गया।
मुक्तसर, राजपुरा, समाना, सुलतानपुर लोधी, दीनानगर, फिरोजपुर, भिखीविंड में बूथों पर कब्जा कर लिया गया। वरिष्ठ सांसद नेता विरसा सिंह वल्टोहा उनके बेटे गौरवदीप सिंह वल्टोहा तथा अन्य पांच के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। डॉ. चीमा ने कहा कि पुलिस ने भी मतदान केंद्रों में वीडियोग्राफी टीम तैनात करने की अनुमति नहीं दी।