पंजाब की 13 लोकसभा सीटों के लिए गत बुधवार को हुए मतदान में अकाली-भाजपा गठबंधन के 31, जबकि कांग्रेस के 16 विधायकों के हलकों में मतदान 70 फीसदी से कम रहा।
इनमें पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह और पंजाब कांग्रेस विधायक दल के नेता चौ. सुनील जाखड़ के विधानसभा क्षेत्र भी शामिल हैं। वहीं, बठिंडा के बुढलाडा में सबसे अधिक 82.27 और खडूर साहिब के बाबा बकाला में सबसे कम 59.71 फीसदी मतदान हुआ। दोनों ही शिअद से संबंधित हैं। दो अन्य विधानसभा क्षेत्रों सुनाम तथा सरदूलगढ़ में मतदान प्रतिशत 80 फीसदी के पार पहुंचा। शिअद के कब्जे वाले सुनाम में 81.62, जबकि कांग्रेसी विधायक वाले सरदूलगढ़ में 81.23 फीसदी पोलिंग हुई।
50 हलके ऐसे हैं, जहां 70 फीसदी से कम वोटिंग
कुल मिलाकर प्रदेश के कुल 117 विधानसभा क्षेत्रों में से 50 हलके ऐसे हैं, जहां 70 फीसदी से कम वोटिंग हुई। इनमें से शिअद के 23, कांग्रेस के 16, भाजपा के 8 और 3 निर्दलीय विधायकों के क्षेत्रों में मतदान की यह स्थिति रही।
चुनाव आयोग के फाइनल रिपोर्ट के मुताबिक प्रदेश में कुल मतदान प्रतिशत 71 फीसदी रहा और पिछले विधानसभा चुनाव की तरह ही महिलाएं इस बार भी बाजी मार गईं।
महिलाओं का मतदान प्रतिशत 71.21 रहा, जबकि 70.77 फीसदी पुरुष मतदाताओं ने वोट डाले। कुल 19527114 में से 13843196 लोगों ने मताधिकार का इस्तेमाल किया। सबसे अधिक 77.48 फीसदी मतदान बठिंडा व संगरूर, जबकि सबसे कम 65.29 फीसदी होशियारपुर में रहा।
होशियारपुर और जालंधर की सभी सीटें कमजोर
होशियारपुर और जालंधर लोकसभा सीटों पर एक भी विधानसभा क्षेत्र ऐसा नही, जहां मतदान प्रतिशत 70 फीसदी से अधिक रहा हो। इसके विपरीत बठिंडा, संगरूर व फतेहगढ़ साहिब संसदीय सीटों पर हर विधानसभा क्षेत्र में 70 फीसदी से अधिक पोलिंग हुई।
शिअद-भाजपा के इन गढ़ों में हुआ कम मतदान
लोकसभा क्षेत्र के जालंधर के अधीन आते सभी 9 विधानसभा हलके शिअद-भाजपा गठबंधन के कब्जे में हैं, लेकिन यहां मतदान 70 फीसदी के आंकड़े को पार नहीं कर पाया। होशियारपुर सीट पर गठबंधन के6 विधायक हैं, लेकिन यहां भी हाल जालंधर वाला ही रहा। अमृतसर में इसके 6 विधायक हैं, लेकिन इनमें से चार के क्षेत्रों में मतदान कम रहा।
खडूर साहिब में शिअद के 6 विधायकों में से 5 के हलकों में मतदान प्रतिशत 59.71 से 67.32 फीसदीे के बीच रहा। फरीदकोट में शिअद के 7 में से 3 विधायकों के क्षेत्र में मतदान प्रतिशत पार्टी के उम्मीदों के अनुरूप नहीं रहा।
यह कांग्रेसी हलके पिछड़े मतदान में
जिन कांग्रेसी विधायकों के क्षेत्रों में 70 फीसदी से कम मतदान हुआ, उनमें गुरदासपुर के 2, अमृतसर के 2, खडूर साहिब के 2, होशियारपुर के 2, आनंदपुर साहिब का एक व लुधियाना के तीनों विधानसभा क्षेत्र शामिल हैं।
वहीं, लोकसभा क्षेत्र फिरोजपुर के कांग्रेस से संबंधित 2 तथा पटियाला के भी इतने ही विधानसभा हलकों में मतदान 70 फीसदी के आंकड़े को नहीं छू पाया।
महत्वपूर्ण बात यह है कि इनमें दिग्गजों कैप्टन अमरिंदर सिंह का पटियाला शहरी और सुनील जाखड़ का अबोहर विधानसभा क्षेत्र शामिल हैं, जहां क्रमश: 65.65 और 67.10 फीसदी पोलिंग हुई। कैप्टन अमृतसर और जाखड़ फिरोजपुर से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़े हैं।