पंजाब विधानसभा के आगामी 15 जुलाई से शुरू हो रहे बजट सत्र के काफी गर्मागर्म रहने की उम्मीद है। जहां विपक्षी दल कांग्रेस ने ड्रग्स, बिजली संकट, प्रॉपर्टी टैक्स, रेत-बजरी की कमी, व्यापार-उद्योग, वैट आदि मुद्दों पर सरकार को घेरने की पूरी तैयारी कर ली है, वहीं सत्तापक्ष भी इसका जवाब देने को कमर कस चुका है। इसी क्रम में अकाली-भाजपा संयुक्त विधायक दल की बैठक सत्र के पहले दिन कार्रवाई स्थगित होने के बाद बुलाई गई है।
इस बार कई ज्वलंत मुद्दों पर होगी चर्चा
विधानसभा में विपक्ष के नेता चौ. सुनील जाखड़ के अनुसार इस वक्त प्रदेश के लोगों से जुड़े बहुत से ज्वलंत मुद्दे हैं, जिन पर सदन में बहस बहुत जरूरी है।
इसी बात को ध्यान में रखकर 15 जुलाई को सदन की कार्रवाई स्थगित होने के बाद होने वाली बिजनेस एडवाइजरी कमेटी की बैठक में वह सत्र की अवधि बढ़ाने की मांग करेंगे। यह अवधि बढ़ाए बिना सभी मुद्दों पर बहस संभव नहीं है।
उन्होंने कहा कि इस वक्त प्रदेश के आम लोग ड्रग्स की समस्या, बिजली-पानी के संकट, प्रॉपर्टी टैक्स की मार, रेत-बजरी की कमी और उसके आसमान छूते रेट से परेशान हैं, जबकि उद्योग-व्यापार जगत वैट अदि के बोझ से दबा हुआ है। सरकारी कर्मचारी अपनी विभिन्न मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। इन सभी मसलों पर चर्चा के लिए खुला समय चाहिए।
कांग्रेस विधायक दल की बैठक बुलाएंगे
इन पर विचार-विमर्श के लिए कांग्रेसी विधायकों की बैठक 15 या 17 जुलाई को बुलाने की बात जाखड़ ने कही। इस दौरान सभी कांग्रेसी विधायकों को सत्र के दौरान उठाए जाने वाले मुद्दों की लिस्ट दे दी जाएगी, ताकि सदन में लोगों की आवाज प्रभावशाली ढंग से उठाई जा सके।
बजट सत्र का कार्यक्रम
मौजूदा कार्यक्रम के अनुसार पंजाब विधानसभा का बजट सत्र आगामी 15 से 22 जुलाई तक चलेगा। इस दौरान 15 जुलाई को दिवंगत आत्माओं की श्रद्धांजलि दी जाएगी, जबकि बजट 16 जुलाई को पेश होगा।
17 जुलाई को गैर सरकारी कामकाज, 22 जुलाई को वैधानिक कार्य होगा। बजट पर बहस 18 व 21 जुलाई को होगी। 21 जुलाई को ही बहस का समापन होगा। इस दौरान 19 व 20 जुलाई को अवकाश रहेगा।