खैरा ने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी के दोफाड़ होने के असल जिम्मेदार केजरीवाल ही थे, जब उन्होंने विक्रम सिंह मजीठिया पर ड्रग माफिया होने के लगाए अपने आरोपों को वापस लेते हुए मजीठिया से माफी मांग ली। खैरा ने कहा कि जब उन्होंने और अन्य नेताओं ने इस बुजदिली का विरोध किया तो केजरीवाल ने उनके खिलाफ बदलाखोरी की कार्रवाई शुरू कर दी।
इसके लिए केजरीवाल ने पार्टी संविधान विंग की मीटिंग बुलाए बिना ही गैरसंवैधानिक तरीसे से 26 जुलाई 2018 को ट्विटर के जरिए उन्हें नेता प्रतिपक्ष के पद से हटा दिया। खैरा ने कहा कि इस असंवैधानिक कदम ने साबित कर दिया कि केजरीवाल एक तानाशाह के रूप मे काम कर रहा था।
इसके बाद खैरा ने पार्टी विरोधी गतिविधियों के लिए उन्हें और विधायक कंवर संधू को 3 नवंबर, 2018 को पार्टी से सस्पेंड कर दिया, जिसमें पार्टी संविधान का पालन भी नहीं किया गया।
खैरा ने कहा कि पार्टी से निकालने और सस्पेंशन के बारे में आप की तरफ से कोई लिखित आदेश जारी नहीं किया गया। खैरा ने बताया कि एक पार्टी नेता ने ही उन्हें पार्टी से निकाले जाने की बात बताते हुए उन्हें कहा कि अब वह कहीं भी जाने के लिए स्वतंत्र हैं।
शिरोमणि अकाली दल ने सुखपाल खैरा और आप के तीन विधायकों को तुरंत अयोग्य करार दिए जाने की मांग की है। प्रवक्ता डॉ. दलजीत चीमा ने कहा कि खैरा द्वारा विधानसभा स्पीकर के पास जाकर इस्तीफा वापस लेने की कोशिश संविधान से धोखाधड़ी है। संविधान के अनुसार आम आदमी पार्टी के सभी विधायक प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देकर जन प्रतिनिधि एक्ट के उल्लंघन के लिए अयोग्य ठहराए जाने के हकदार हैं।
इस्तीफा वापस लेने का नाटक कर वह बच नहीं सकते। उन्होंने कहा कि कांग्रेस उप चुनाव का सामना करने से भाग रही है इसलिए खैरा इस्तीफा वापस लेने गए थे। यहां तक कि मास्टर बलदेव ने भी घोषणा कर दी है कि वह आप में शामिल हो रहे हैं। यह सारी पटकथा पिछले इस्तीफों की तरह कांग्रेस के कहने पर लिखी गई है। यह शिअद की दलील साबित करती है कि आप कांग्रेस की बी-टीम है।
यह नापाक गठबंधन राज्य के खजाने पर भारी पड़ रहा है। सभी आयोग विधायक बाकियों की तरह वेतन, भत्ते ले रहे हैं। खैरा और मास्टर बलदेव ने न सिर्फ आप छोड़ी थी, बल्कि पंजाबी एकता पार्टी बना कर उसके निशान पर लोकसभा चुनाव भी लड़ा था।
नाजर सिंह मानशाइया और अमरजीत संदोआ भी आप छोड़ कर कांग्रेस में शामिल हो चुके हैं। संविधान के मुताबिक अगर कोई विधायक अपनी इच्छा से पार्टी छोड़ देता है तो वह सदन के मेंबर के तौर पर अयोग्य हो जाता है। उन्होंने मांग की कि इन्हें अयोग्य घोषित कर चारों सीटों को तुरंत खाली घोषित किया जाए।
नूरा कुश्ती खेल रहे हैं कांग्रेस-आप : चुघ
भाजपा के राष्ट्रीय मंत्री तरुण चुघ ने आरोप लगाया है कि कांग्रेस और आप नूरा कुश्ती खेल रहे हैं। सुखपाल खैरा ने आठ माह पहले दिया इस्तीफा वापस लेकर नैतिकता के सिद्धांत को तार-तार कर दिया है। इस हाई प्रोफाइल ड्रामे के खात्मे से दोनों पार्टियों का असली चेहरा सामने आ गया है।
उन्होंने खैरा द्वारा इस्तीफा वापस लेने के पीछे भुलत्थ की जनता का हवाला देने पर कड़ी आपत्ति जताई। चुघ ने कहा कि जनता की सेवा तो बहाना है। दरसल बठिंडा में चुनाव के दौरान जमानत जब्त करवाने के बाद खैरा राजनीतिक अज्ञातवास में चले गए थे।