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पंजाब में खेला: दिल्ली में पेशी से पहले कैप्टन का दांव, धुर विरोधी खैरा समेत आप के तीन विधायकों ने थामा हाथ

Thu, 03 Jun 2021 01:01 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

कैप्टन अमरिंदर सिंह पंजाब कांग्रेस में उठी कलह को रोकने के लिए पार्टी हाईकमान की तरफ से बनी कमेटी से मिलने गुरुवार को दिल्ली रवाना हो गए। इससे पहले उन्होंने तीन विधायकों को कांग्रेस में शामिल करवाया।
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कांग्रेस में शामिल होने के बाद सुखपाल खैरा और आप विधायकों के साथ कैप्टन अमरिंदर सिंह। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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आम आदमी पार्टी (आप) से निलंबित भुलत्थ हलके के विधायक सुखपाल सिंह खैरा कांग्रेस पार्टी में शामिल हो गए हैं। इसकी पुष्टि पंजाब कांग्रेस ने अपने फेसबुक पेज के जरिए की है। सुखपाल खैरा के साथ ही आम आदमी पार्टी के दो अन्य विधायक मौड़ हलके से जगदेव सिंह कमालू और भदौड़ हलके से पीरमल सिंह धौला भी मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की मौजूदगी में कांग्रेस पार्टी में शामिल हो गए। 

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आप के ये तीनों विधायक गुरुवार को कैप्टन के दिल्ली रवाना होने से पहले उनसे मिलने पहुंचे थे। चंडीगढ़ में गुरुवार को तीनों विधायकों के कांग्रेस में शामिल होने संबंधी संक्षिप्त आयोजन के दौरान पटियाला से कांग्रेस सांसद परनीत कौर भी उपस्थित रहीं। 
फेसबुक पेज पर पंजाब कांग्रेस की तरफ से कहा गया है कि मुख्यमंत्री ने तीनों विधायकों का कांग्रेस में स्वागत किया है।

तीनों विधायकों को पार्टी में शामिल करने के लिए पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी से अनुमति ले ली गई थी। प्रदेश कांग्रेस प्रधान सुनील जाखड़ और पंजाब मामलों के प्रभारी हरीश रावत इन दिनों नई दिल्ली में हाईकमान की तीन सदस्यीय कमेटी के साथ पार्टी मामलों को लेकर व्यस्त हैं, इसलिए तीनों विधायकों की उनसे मुलाकात कुछ दिन बाद होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें पूरा विश्वास है कि खैरा व उनके साथियों के पार्टी में शामिल होने से कांग्रेस और मजबूत होगी। 

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भाजपा के खिलाफ कांग्रेस ही उपयुक्त मंच: खैरा

सुखपाल सिंह खैरा ने कहा है कि भारत को भाजपा के सांप्रदायिक शासन से मुक्त करने के लिए कांग्रेस एकमात्र उपयुक्त मंच है। उन्होंने यह भी कहा कि केवल कांग्रेस ही है जो बादलों को उनकी पिछली सरकारों के दौरान की गई लूट को दोहराने से रोक सकती है। खैरा ने कहा कि उन्होंने अपने दोनों साथी विधायकों के साथ गहन सोच-विचार के बाद देश और पंजाब के हितों को मद्देनजर रखते हुए कांग्रेस में शामिल होने का फैसला किया है। 

अपनी मांगों के लिए दिल्ली के बार्डर पर संघर्ष कर रहे लाखों किसानों खासतौर पर पंजाब के किसानों के प्रति भाजपा के जिद्दी रवैये से मैं बहुत दुखी हुआ क्योंकि उनकी मांगों को न सिर्फ दरकिनार किया गया बल्कि उन्हें देशद्रोही, खालिस्तानी, अराजक कहकर अपमानित किया गया। 

प्रधानमंत्री के कोविड महामारी को काबू करने में असफल रहने पर अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भारत के सम्मान को ठेस पहुंची है। खैरा ने आगे कहा कि बादलों ने न सिर्फ पंजाब को दोनों हाथों से लूटा बल्कि सिखों के इतिहास और शान को तबाह करने की भी साजिश रची। 
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उन्होंने कहा कि बेअदबी और बहिबलकलां गोलीकांड जैसे मामलों के कारण उनका सिख विरोधी चेहरा लोगों के सामने आ गया है। खैरा ने आप प्रमुख अरविंद केजरीवाल को फर्जी इंकलाबी करार देते हुए कहा कि वह एक तानाशाह और आरएसएस-भाजपा की बी टीम है। 2015 में आप में शामिल होना एक बड़ी सियासी गलती थी।

तीनों विधायकों ने विधानसभा अध्यक्ष को भेजे इस्तीफे
कांग्रेस में शामिल हुए आम आदमी पार्टी के तीनों विधायकों ने अपने इस्तीफे पंजाब विधानसभा अध्यक्ष को सौंप दिए हैं। इस बात की पुष्टि विधानसभा के अधिकारियों ने की। दरअसल, दल-बदल कानून के तहत इन तीनों विधायकों को अपने पद छोड़ने पड़ेंगे, जिसे ध्यान में रखते हुए तीनों ने अपने इस्तीफे विधानसभा अध्यक्ष को भेज दिए हैं।

बता दें कि सुखपाल सिंह खैरा को आम आदमी पार्टी द्वारा 2017 में ही निलंबित किया जा चुका है और पार्टी द्वारा उनकी सदस्यता रद्द करने की मांग विधानसभा अध्यक्ष से काफी समय पहले ही की जा चुकी है। फिलहाल खैरा के निलंबन का मामला विधानसभा अध्यक्ष के विचाराधीन है। इस बीच, विधानसभा अध्यक्ष राणा केपी सिंह मंगलवार को चंडीगढ़ पहुंचेंगे। ऐसे में तीनों विधायकों के इस्तीफों पर मंगलवार के बाद ही आगे की प्रक्रिया शुरू हो सकेगी।
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