गांव व जिला अपने अपने स्तर पर सील: पठलावा में पहला केस आने के बाद जिला प्रशासन की ओर से बिना देरी किए पूरे गांव को सील कर दिया गया और इसके बाद करीब एक दर्जन गांव और पूरी तरह से सील कर दिए गए।
कर्फ्यू का इंतजार किए बिना सेल्फ लॉकडाउन: जिला प्रशासन की ओर से प्रदेश व केंद्र सरकार की ओर से लाकडाउन या कर्फ्यू घोषित किए जाने से पहले ही 21 मार्च को ही सेल्फ लॉकडाउन करवा दिया गया। इस दौरान पुलिस की ओर से पूरी सख्ती की गई।
राशन: समाजसेवी संस्थाओं की मदद से दिहाड़ीदारों व जरूरतमंद परिवारों तक राशन पहुंचाना शुरू किया। जिससे लोगों में मदद की आस जाग गई। हर वार्ड में होम डिलीवरी के लिए दो-तीन किराना की दुकानों को ही लाइसेंस दिए।
सिविल, पुलिस व सेहत महकमे में बढ़िया तालमेल: यही नहीं डीसी विनय बुवलानी की ओर से एसएसपी अल्का मीणा की मदद से सेहत विभाग के साथ पूरा तालमेल बनाया गया और सुबह-शाम सभी विभागों के प्रमुखों की बैठकें होती रहीं।